-जल जीवन मिशन योजना के कार्यों में लाए तेजी: डीएम
गाजियाबाद। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने शनिवार को जल जीवन मिशन अभियान की समीक्षा की। समीक्षा के बाद वह धरातल पर काम की प्रगति जांचने के लिए फील्ड में निकल पड़े। बाद में संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान प्रोजेक्ट मैनेजर यूपीपीसीएल (पेयजल) अवधेश शर्मा ने बताया कि 100 दिन के अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राईमरी/अपर प्राईमरी विद्यालयों एवं आश्रमशालाओं में पाइप के माध्यम से शुद्ध पेयजल हेतु टेप वाटर की व्यवस्था की जाएगी। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 46150 प्रति नग है।
इसका उद्दश्य जनपद में निर्मित आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राईमरी/अपर प्राईमरी विद्यालयों एवं आश्रमशालाओं में लगे हैंडपंप में सबमर्सिबल डालकर टेप वाटर की व्यवस्था करना है। 20 फरवरी को कार्य प्रारंभ किए गए है। इस कार्य को 21 मई तक पूर्ण कराया जाना है। जनपद के 419 प्राईमरी विद्यालय व 163 आंगनबाड़ी केंद्रों का सर्वे कराया गया था, जिसमें से 90 स्थल योजनांतर्गत कार्य हेतु उचित साइट पाई गई। जहां पर कार्य कराने का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक 30 साइटों पर टेप वाटर की व्यवस्था का कार्य पूर्ण कराया जा चुका है तथा शेष स्थलों पर कार्य प्रगति पर है।
समीक्षा उपरांत जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय जमीनी हकीकत जानने के लिए फील्ड में उतरें। वह सीधे भोजपुर ब्लॉक कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने ब्लॉक कार्यालय में संबंधित अधिकारियों के साथ जल जीवन मिशन योजना की पुन: समीक्षा की तथा भोजपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय ग्राम अबलपुर में योजनांतर्गत कराए गए कार्य का भौतिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय जिलाधिकारी ने उप-जिलाधिकारी मोदीनगर एवं खंड विकास अधिकारी भोजपुर को निर्देश दिए कि वह जहां-जहां योजना के अंतर्गत पूर्ण कराए कार्यों का भौतिक सत्यापन कर आख्या उपलब्ध कराएं। अवशेष कार्य को गुणवत्तापूर्ण निर्धारित अवधि के अंदर पूर्ण कराने के भी निर्देश दिए गए। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.के. गुप्ता, उप-जिलाधिकारी आदित्य प्रजापति, जिला विकास अधिकारी भालचंद्र त्रिपाठी, खंड विकास अधिकारी ब्लॉक भोजपुर इत्यादि उपस्थित रहे।















