-दवा विक्रेता समिति के जिलाध्यक्ष दिनेश सिंघल एवं महामंत्री बने प्रदीप राणा
गाजियाबाद। कैमिस्ट वर्ग के हित को ध्यान में रखकर दवा विक्रेता समिति कार्य करेगी। यह बातें गुरूवार को राजनगर में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान दवा विके्रता समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिवाकर सिंह ने कहीं। समिति अध्यक्ष दिवाकर सिंह एवं महामंत्री सुधीर अग्रवाल ने कहा कि ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट उत्तर प्रदेश के अधीन दवा विक्रेता समिति का गठन किया गया है। पूर्व में अध्यक्ष रहे सुरेश गुप्ता पर 5 करोड़ रुपए गबन का आरोप भी लगाया। वहीं, अध्यक्ष एवं महामंत्री ने जिले में दवा विक्रेता समिति का अध्यक्ष दिनेश सिंघल और महामंत्री प्रदीप राणा, कोषाध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा को बनाए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि दवा विक्रेता समिति का गाजियाबाद को प्रदेश संगठन ओसीडी यूपी की संबंद्धता प्रदान की है। दवा व्यापारियों की वर्तमान में बहुत सारी दिक्कतें आ रही है। प्रमुख रूप से ऑनलाइन पोर्टल की समस्या एवं ई-फार्मेसी दवा कारोबारियों के लिए सबसे बड़ी समस्या बन गई है। उन्होंने प्रदेश के दवा व्यापारियों से आहवान किया कि प्रदेश के दवा व्यापारियों का अब कोई अहित नहीं कर पाएगा।इसके लिए मिलकर दवा विक्रेताओं की सभी समस्याओं के लिए समाधान की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने बताया कि ऑल इंडिया ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के देश में 9लाख चालीस हजार से अधिक व्यापारियों का संगठन है,जो कि देश के सभी प्रदेशों में फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि देश के सभी राज्यों में लगभग फार्मेसी काउंसिल पर हमारे प्रतिनिधि है,लेकिन यह दुर्भाग्य है कि हमारे प्रदेश का जहां से देश का मार्गदर्शन होता है,इसके बावजूद उत्तर प्रदेश इतना बड़ा राज्य है,प्रदेश के फार्मेसी काउंसिल में प्रदेश के दवा व्यापारियों का कोई प्रतिनिधि नहीं है। इस मौके पर दवा विक्रेता समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रविन्द्र चौधरी,चेयरमैन मोहित कुमार गोयल,वरिष्ठ पदाधिकारी डीपी राणा,प्रदीप चौहान,रवि बैंसला,संरक्षक योगेश अग्रवाल,राजकुमार चौधरी,दीपक अग्रवाल,उपाध्यक्ष अरुण चंदेल, अनुज शर्मा,संगठन मंत्री जयदीप गुप्ता,साहिल अरोड़ा,जसकरण मक्कड़,अशोक सिंघल आदि की मौजूदगी में कमेटी पदाधिकारियों का फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया।
















