कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में हालात बेहद भयावह

– 5 दिन में कोरोना के कारण 32 नागरिकों की मौत
-ऑक्सीजन सिलेंडर की मारामारी, अस्पतालों में नही मिल रहें बेड

गाजियाबाद। जनपद में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में हालात बेहद भयावह चुके हैं। जिले में पिछले 5 दिनों के भीतर कोरोना के कारण 32 नागरिकों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद कोविड अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की कमी दूर नहीं हो सकी है। मरीजों और तिमारदारों में अफरा-तफरी मची है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लाख दावों के बाद भी कोरोना संक्रमित मरीजों को बेड उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। जिले में शनिवार को रिकॉर्डतोड़ 10 लोगों की कोरोना संक्रमित होने के बाद मौत हो गई। मेरठ मंडल के मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह ने जिलाधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं। मगर जिले में हालात बदतर होते जा रहे है। कोरोना संक्रमित मरीजों को सुविधा नहीं मिल पा रही है,परिजन अपनों की जान बचाने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर ब्लैक में खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। कोरोना के कहर की वजह से जहां मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। वहीं,ऑक्सीजन और अस्पतालों में बेड को लेकर हा-हाकार मच रहा है। जिले में रोजाना करीब 7 हजार सिलेंडर की जरूरत है,मगर 4 हजार तक ही सिलेंडर मिल रहे है। आलम यह है कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग कोरोना संक्रमित मरीजों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। जिले में 3 हजार सिलेंडर की कमी है,कोरोना संक्रमित मरीजों होम आइसोलेशन के साथ अस्पतालोंं में भर्ती है। मगर इनमें से करीब 20 फीसद को ही ऑक्सीजन दी जा रही है। बाकी मरीजों को भर्ती कराया जाना है। सीएमओ डॉ.एनके गुप्ता ने बताया कि शनिवार को जिले मेंं कोरोना संक्रमित 585 मरीज मिले है,पिछले 24 घंटे में ठीक हुए 159 मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। जबकि कोरोना संक्रमित 10 लोगों की मौत हुई है।जिले में अब तक 138 महिला-पुरूषों की कोरोना संक्रमित होने के बाद मौत हो गई हैं। वर्तमान में कोरोना के एक्टिव केस 5841 है। जबकि 34,773 अब तक कोरोना संक्रमित मरीज है। जिला प्रशासन के तमाम प्रयासों के बावजूद जिले में कोरोना संक्रमण बेकाबू हो रहा है। पिछले 13 दिनों में संक्रमण की दर 1.43 से बढ़कर 15 फीसदी पर पहुंच गई है। इसके साथ ही मरने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। बीते 5 दिन में 32 महिला-पुरूषों की मौत हो चुकी है,20 अपै्रल को जहां एक मौत,21 को 8,22 अपै्रल को 8 मौत,23 अपै्रल को 5 मौत और शनिवार 24 अपै्रल को 10 मौत हुई है। शनिवार को हुई रिकॉर्डतोड़ 10 लोगों की मौत की पुष्टि के बाद 5 दिन में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 32 तक पहुंच गया हैं। वहीं,शनिवार को कचहरी में प्रैक्टिस करने वाली अधिवक्ता सविता चौधरी,आशा शर्मा,सोमदेव डागर की मौत गई। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय का कहना है कि कोविड अस्पतालों को बढ़ाने के प्रयास जारी है। जनपद में 42 कोविड अस्पतालों में 3000 बेड और 586 आईसीयू बेड उपलब्ध हैं। कोरोना संक्रमण को लेकर सभी समस्याओं का निस्तारण करने के लिए इंटीग्रेटेड कोविड कमांड एंड कंट्रोल रूम सेंटर का लोग लाभ उठाएं। वहीं, कंट्रोल रूम में तैनात कई कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। कंट्रोल रूम के नंबर-0120-2965798, 2965799, 2965757,2965758,2829040,882679 7248 नंबर चालू है। कंट्रोल रूम में रोजाना 500 कॉल्स आ रही हैं।
अंतिम संस्कार में सिर्फ 20 नागरिकों को छूट
जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने जिले में लागू धारा-144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किए है। जिलाधिकारी ने बताया कि अंतिम संस्कार के लिए 20 व्यक्तियों की अनुमति होगी।शनिवार और रविवार को पूर्व आदेश के अनुरूप लॉकडाउन के चलते कोरोना प्रोटोकॉल का अनुपालन सुनिश्चित कराते हुए मास्क,सोशल डिस्टेंसिंग,सैनेटाइजर करने के निर्देश दिए गए है। वहीं,शादी समारोह में बंद स्थानों पर 50 लोगों और खुले स्थानों पर 100 व्यक्तियों से अधिक की अनुमति नहीं होगी। यह आदेश आगामी 10 मई की मध्य रात तक लागू रहेंगे।
कोविड अस्पतालों के लिए 9 टीम गठित
मेरठ मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह के आदेश पर अस्पतालों के औचक निरीक्षण के लिए 32 कोविड अस्पतालों के लिए 16 अधिकारियों की 9 टीमें गठित की गई है। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने गंभीर हालत को देखते हुए शनिवार को जिले में 9 टीमें गठित की हैं,जो कोविड अस्पतालों में भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी करेंगी। इन टीमों में एक प्रशासनिक अधिकारी तो एक चिकित्सक को शामिल किया गया है।टीमों द्वारा अस्पताल में भर्ती मरीजों की स्थिति,कहीं छुट्टी किए जा सकने वाले मरीज तो अस्पताल में भर्ती नहीं है। अस्पतालों में शासन द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का पालन हो रहा है या नहीं। अस्पतालों में गंभीर रूप से बीमार मरीज को भर्ती करने में परेशानी तो नहीं हो रही है। यह जांच करेगी।डीएम अजय शंकर पांडेय ने बताया कि एडीएम भूमि अध्याप्ति कमलेश चंद्र वाजपेयी,डॉ.विश्राम सिंह,कृषि अधिकारी डा.राकेश कुमार,डॉ.मुं शी लाल,सिटी मजिस्ट्रेट विपिन कुमार, डॉ.सुनील त्यागी,रजनीश कुमार पांडेय, डॉ.डीएम सक्सेना,एसडीएम सदर देवेंद्र पाल सिंह,डॉ.आरके यादव,तहसीलदार सदर प्रवर्धन शर्मा,डॉ.जीपी मथुरिया,नवनियुक्त एसडीएम शिखा शुक्ला, डॉ. सूर्यांश ओझा, अपर नगर मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह,भारत भूषण,परियोजना निदेशक पीएन दीक्षित एवं एमओ चंद्रप्रकाश को टीम में शामिल करते हुए इन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। इन नामित अधिकारियों की आख्या प्राप्त होने के बाद पाई गई खामियों को कार्रवाई करते हुए अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील त्यागी आख्या उपलब्ध कराने के लिए नामित किया गया है। डीएम ने एडीएम सिटी शैलेंद्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में कराने के निर्देश दिए हैं।