फिरौती के लिए खीरी लखीमपुर से लाए थे फर्जी सिम कार्ड
गाजियाबाद। टिंबर कारोबारी से 40 लाख रुपए की रंगदारी मांगने वाले दो बदमाशों को क्राइम ब्रांच एवं लोनी पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। जिनके कब्जे से तमंचा व कारतूस भी बरामद किया गया। कारोबारी के सामने रहने वाले व्यक्ति के ड्राइवर ने रंगदारी का पूरा षड्यंत्र रचा था। मंगलवार को लोनी थाने में घटना का खुलासा करते हुए सीओ लोनी अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि 3 फरवरी को टिंबर कारोबारी विनोद कुमार गुप्ता ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनके मोबाइल पर कॉल आ रही है। कॉलर 40 लाख रुपए की रंगदारी मांग रहा है और रूपए न देने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है। उन्होने बताया बदमाशों की गिरफ्तारी और पूरे मामले का पटाक्षेप करने के लिए पुलिस की चार की टीमों का गठन किया गया था। इसी क्रम में क्राइम ब्रांच प्रभारी संजय पाण्डेय एवं लोनी एसएचओ ओम प्रकाश सिंह की संयुक्त टीम ने मंगलवार सुबह मुखबिर की सूचना पर धन्नूराम कट के पास से पवन पुत्र सुखवीर और खुर्शीद पुत्र शौकत अली निवासी खन्नानगर लोनी को गिरफ्तार किया गया। सीओ लोनी ने बताया आरोपी पवन, विनोद कुमार गुप्ता की दुकान के सामने रहने वाले राजेंद्र वर्मा के यहां ड्राइविंग का काम करता था। वहीं से उसका उठना-बैठना शुरू हो गया था। जिसके बाद उसे पूरी जानकारी हो गई थी। आरोपी की कुछ दिन पहले नौकरी छूट गई थी। जिसके बाद नशे और सट्टे की लत में पड़ गया था। उन्हीं आदतों को पूरा करने के लिए अपने साथी खुर्शीद से बात की और व्यापारी से रंगदारी मांगने की योजना बनाई। एसएचओ ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि बदमाशों ने व्यापारी से रंगदारी मांगने के लिए खीरी लखीमपुर से फर्जी आईडी पर सिम खरीदा था। बदमाशों ने टिम्बर व्यापारी बिनोद कुमार गुप्ता को कई बार फोन करके 40 लाख रुपए की रंगदारी मांगी थी और न देने पर गोली मारने की धमकी दी थी। जिसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए नंबर को सर्विलांस पर लगाकर जांच की गई और मुंगलवार सुबह आरोपियों की लोकेशन लोनी क्षेत्र में मिली। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया और उनका अपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।
















