निगम के खिलाफ जाऊंगा और भू-माफिया से गरीबों को बचाऊंगा

– सोशल चौकीदार केके शर्मा ने कहा निगम के बुल्डोजर के सामने मैं खड़ा होऊंगा

उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। नगर निगम द्वारा मरियम नगर (नंदग्राम) में 123 अवैध मकानों को तोड़ने की तैयारी चल रही है। सर्वे के बाद इन मकानों को चिन्हित किया गया है। ऐसे में पीड़ित परिवारों के होश फाख्ता हैं। सपनों का आशियाना उजड़ने की चिंता उन्हें दिन-रात खाए जा रही है। इस बीच प्रभावित परिवारों के समर्थन में सोशल चौकीदार केके शर्मा खुलकर सामने आ गए हैं। केके शर्मा का साफ शब्दों में कहना है कि सरकारी तंत्र को पहले भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। बिना भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई किये यदि गरीबों के मकान तोड़े जाएंगे तो उसका हर तरीके से विरोध किया जाएगा। किसी की एक र्इंट भी टूटने नहीं दी जाएगी। गरीबों और कमजोर लोगों को भू-माफिया से बचाने के लिए मैं हर तरीके से विरोध करूंगा। सोशल चौकीदार ने कहा कि यदि नगर निगम का बुल्डोजर मकान तोड़ने जाएगा तो गरीब लोगों के साथ सबसे आगे मैं खड़ा होऊंगा।

यह भी पढें : 123 अवैध मकानों पर निगम का जल्द चलेगा बुलडोजर
भू-माफिया को शहर का नासूर बताते हुए केके शर्मा ने कहा कि नंदग्राम क्षेत्र में एक ही भू-माफिया है जिसके संरक्षण में गरीबों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है। भू-माफिया द्वारा नाजायज तरीके से अर्जित की गई संपत्ति को बेचकर पीड़ित परिवारों की मदद करनी चाहिए। पीड़ित को राहत दिलाने के लिए सड़क से अदालत तक संघर्ष करने में किसी भी तरह से पीछे नहीं हटूंगा। मरियम नगर की सच्चाई सभी को मालूम है। इसके बावजूद सरकारी मशीनरी भू-माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। केके शर्मा ने गरीब ठेली पटरी वालों को सूदखोरों के चंगुल से बचाने के लिए लंबी लड़ाई है। गरीबों के हक में आवाज उठाते रहे हैं और अपनी बातों को बिना किसी लाग लपेट के कहते हैं। अब वह भू-माफिया के शिकार बने लोगों के लिए आवाज बुलंद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मरियम नगर में भू-माफिया की कारगुजारी हर कोई जानता है। सरकारी भूमि को गरीब एवं जरूरतमंदों को बेचकर भू-माफिया ने खूब चांदी काटी है। मरियम नगर में आधी भूमि तो फर्जी पावर आॅफ अटॉर्नी के आधार पर बेची गई है। इस संबंध में जब संबंधित रजिस्ट्रार से शिकायत की गई तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से हाथ खड़े कर दिए। रजिस्ट्रार का जबाव था कि कानून उन्हें ऐसी कोई इजाजत नहीं देता कि वह पावर आॅफ अटॉर्नी की जांच कराएं। जिस भू-माफिया के खिलाफ तमाम सबूत हैं उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। के.के. शर्मा के मुताबिक आरोपी भू-माफिया द्वारा एक हजार करोड़ से अधिक कीमत की सरकारी जमीन सीधे-साधे लोगों को गलत तरीके से बेची गई है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों के हित में वह हरसंभव संघर्ष करेंगे। केके शर्मा ने कहा कि सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने का वह कतई विरोध नहीं कर रहे बल्कि विरोध इस चीज का है कि पहले भू-माफिया पर कार्रवाई क्यूं नहीं हो रही है। जबकि भू-माफिया के विषय में पुलिस-प्रशासन और नगर निगम को संपूर्ण जानकारी है। भू-माफिया के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य हैं। जमीन खरीदते समय पीड़ित परिवारों ने जिसके साथ एग्रीमेंट कर कैश में भुगतान किया, उसका विवरण उपलब्ध है। उनके पास अब तक 50 शपथ आ चुके हैं। इन शपथ पत्रों में संबंधित परिवारों ने इस बात का उल्लेख किया है कि उन्हें जमीन किसने बेची थी। यानि जमीन बेचने वाला बड़ा गुनहगार है। ऐसे में बिना भू-माफिया पर कार्रवाई किये लोगों के मकान तोड़े जाते हैं तो यह एक तरह से भू-माफिया को बचाने के लिए अवैध मकान तोड़ने का नाटक भर होगा।

उगाही के लिए रचा गया साजिश
सोशल चौकीदार केके शर्मा ने भू-माफिया से जुड़े राज का खुलासा करते हुए कहा कि वर्ष-2017 में भू-माफिया से जुड़े कुछ व्यक्तियों ने मरियमनगर के संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की थी। ऐसा इसलिए किया गया ताकि पीड़ित परिवारों से और पैसे की उगाही हो सके। जब इन परिवारों ने पैसा नहीं दिया तो उन्हें उजाड़ने का भय दिखाने को यह कदम उठाया गया।