यशोदा मेडिसिटी ने रचा चिकित्सा इतिहास, भारत को मिला विश्वस्तरीय रोबोटिक सर्जरी प्रशिक्षण केंद्र

• डॉ. पीएन अरोड़ा और डॉ. उपासना अरोड़ा के नेतृत्व में हेल्थकेयर क्षेत्र में भारत को मिला नया वैश्विक मुकाम

उदय भूमि संवाददाता
नई दिल्ली/गाजियाबाद। भारतीय स्वास्थ्य सेवाओं को वैश्विक स्तर की आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए यशोदा मेडिसिटी, इंदिरापुरम ने रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। न्यूनतम इनवेसिव देखभाल और उन्नत शल्य चिकित्सा प्रशिक्षण को समर्पित इस अत्याधुनिक केंद्र की स्थापना यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने इंट्यूटिव के सहयोग से की है, जो विश्व स्तर पर सर्जिकल रोबोटिक्स में अग्रणी है। इस प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन शुक्रवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं कॉर्पोरेट मामलों के राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा और उत्तर प्रदेश सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर चिकित्सा जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद रहीं। इंट्यूटिव की कार्यकारी उपाध्यक्ष और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मिरियम क्यूरेट ने कहा कि आधुनिक उपकरणों और सर्जन प्रशिक्षण की सुव्यवस्था, रोगियों के लिए बेहतर परिणाम सुनिश्चित करती है। इंट्यूटिव इंडिया के उपाध्यक्ष रोहित महाजन ने इसे हमारे साझा दृष्टिकोण का विस्तार बताया।

डॉ. पीएन अरोड़ा की दूरदृष्टि और डॉ. उपासना अरोड़ा की नेतृत्व शैली ने बदली चिकित्सा सेवा की परिभाषा
यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. पीएन अरोड़ा ने इस उपलब्धि को ‘गर्व भरा ऐतिहासिक क्षण’ बताते हुए कहा कि डुअल-बे रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने वाले चुनिंदा अस्पतालों में यशोदा मेडिसिटी का शामिल होना, इस बात का प्रतीक है कि भारतीय स्वास्थ्य सेवा अब तकनीकी श्रेष्ठता की नई ऊंचाइयों को छू रही है। वहीं, यशोदा ग्रुप की प्रबंध निदेशक डॉ. उपासना अरोड़ा ने कहा कि यह पहल हील इन इंडिया अभियान को मजबूती देती है, जिसके माध्यम से भारत को वैश्विक चिकित्सा पर्यटन का केंद्र बनाने की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि यशोदा ग्रुप का लक्ष्य केवल उपचार देना नहीं, बल्कि उच्चतम गुणवत्ता की देखभाल को सुलभ बनाना है।

भारत में शल्य चिकित्सा के भविष्य की दिशा तय कर रहा यशोदा मेडिसिटी
डॉ. अरोड़ा दंपति के नेतृत्व में यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने चिकित्सा क्षेत्र में जो ऊंचाईयां हासिल की हैं, वे न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए प्रेरणा हैं, बल्कि एक ऐसा मॉडल बनकर उभरी हैं जिसे पूरे देश में दोहराया जा सकता है। रोगी केंद्रित दृष्टिकोण, तकनीकी दक्षता, वैज्ञानिक सोच और प्रशिक्षण आधारित सेवा इन चार स्तंभों पर टिका यशोदा का यह नया केंद्र भारत के मेडिकल इकोसिस्टम में क्रांतिकारी बदलाव का प्रतीक बन रहा है। स्वास्थ्य सेवा को विज्ञान, सेवा और संवेदना के अद्भुत संगम में ढालते हुए यशोदा ग्रुप ने यह सिद्ध कर दिया है कि भारत स्वास्थ्य क्षेत्र की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में किसी से पीछे नहीं।