गाजियाबाद। डासना देवी मंदिर में तैनात पुलिसकर्मियों की सर्तकता के चलते एक बार फिर बड़ा हादसा होने से टल गया। दो माह पूर्व डासना मंदिर में बाबा नरेशानंद स्वामी महंत पर हुए जानलेवा हमले के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौंबद कर दी। पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के चलते अप्रिय घटना घटित होने से टल गई। पुलिस ने समय रहते युवक को रामपुरी चाकू के साथ गिरफ्तार कर लिया। वहीं युवक की गिरफ्तारी के बाद मंहत यति नरसिंहानंद पुलिसधिकारियों को फोन कर उसे छोडऩे के लिए कह रहे है।
सीओ सदर आकाश पटेल ने बताया कि डासना देवी मंदिर में रविवार सुबह संदिग्ध लोगों की चेकिंग की जा रही थी। तभी चेकिंग के दौरान एक युवक को रोका गया तो पुलिस को देखकर वह घबरा गया। पुलिस टीम ने जब युवक की तलाशी ली तो उसके पास से रामपुरी चाकू बरामद किया गया। पकड़े गये युवक की पहचान सुमित पुत्र देवीचन्द निवासी हथवाला सिमालखा पानीपत को गिरफ्तार किया गया। वहीं जब पुलिस आरोपी युवक को गिरफ्तार कर थाने लेकर जाने लगी तभी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद ने सीओ सदर आकाश पटेल को फोन कर पकड़े गये युवक को छोडऩे के लिए कहने लगे। बताया जा रहा है कि मंहत ने बताया कि पकड़ा गया युवक महंत यति नरसिंहानंद का सेवक है, अपनी सुरक्षा के लिए चाकू साथ रखता है। पुलिस ने महंत के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर चुकी है। पुलिस ने आरोपी युवक को छोडऩे से मना कर दिया।
बता दें कि कुछ दिन पूर्व 10 वर्षीय मुस्लिम लड़के को अनजाने में डासना देवी मंदिर में घुसने पर पूछताछ के लिए थाने लाया गया था। वहीं मंदिर के महंत ने उस समय अपनी हत्या की साजिश बताया था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने आरोप लगाया था कि नाबालिग लड़को को उनकी जासूसी करने के लिए मंदिर में भेजा गया था। मगर पूछताछ में उस लड़के ने ने बताया था कि वह मंदिर से सटे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती अपनी गर्भवती भाभी से मिलने के लिए आया था और गलती से मंदिर में घुस गया। पुलिस जांच में लड़के के बयानों की सत्यता होने के बाद उसे छोड़ दिया गया था। कुछ माह पूर्व मंदिर परिसर में पानी पीने के लिए घुसे एक मस्लिम लड़के के साथ मारपीट भी की गई थी। इस साल की शुरुआत में कथित तौर पर मंदिर परिसर में पानी पीने के लिए घुसने पर एक मुस्लिम लड़के के साथ मारपीट की गई थी। जिसको लेकर काफी बवाल भी मचा था। वहीं 10 अगस्त को मस्तीपुर बिहार निवासी बाबा नरेशानंद स्वामी पर जानलेवा हमला भी हुआ था।
















