गाजियाबाद पुलिस को मिला नया “कवच”: आत्मरक्षा प्रशिक्षण से बढ़ी ताकत और आत्मविश्वास

  • पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन में शुरू हुआ दो दिवसीय सेल्फ डिफेंस प्रोग्राम, 200 पुलिसकर्मी बने प्रतिभागी

  • “कवच” टीम के सहयोग से पुलिस कर्मियों को दिया जा रहा आत्मरक्षा का विशेष प्रशिक्षण

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। पुलिस आयुक्त के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में पुलिस बल की सुरक्षा और कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से कमिश्नरेट गाजियाबाद में एक अभूतपूर्व पहल की गई है। “कवच” की टीम द्वारा पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों (महिला एवं पुरुष) को सेल्फ डिफेंस का दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान किया जा रहा है। इस विशेष प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं कानून-व्यवस्था आलोक प्रियदर्शी और पुलिस उपायुक्त ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम के तहत गुरुवार को महिला पुलिस कर्मियों और 29 अगस्त को पुरुष पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में कुल 200 प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। इस प्रशिक्षण का संचालन सहायक पुलिस आयुक्त वेव सिटी, प्रियाश्री पाल द्वारा किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का मुख्य लक्ष्य पुलिस कर्मियों को आपात स्थितियों में स्वयं को सशक्त बनाना और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शारीरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत करना है।

कार्यक्रम में आधुनिक तकनीक, आत्मरक्षा कौशल और तनाव मुक्त वातावरण में कार्य करने की विधियों को शामिल किया गया है। “कवच टैक्टिकल कॉम्बैट सिस्टम इंडिया” के संस्थापक व मुख्य प्रशिक्षक वरुण रावत और सह-संस्थापक/लीड इंस्ट्रक्टर दिव्या पंवार के साथ अन्य 5 सदस्य इस प्रशिक्षण को संचालित कर रहे हैं। कवच बीते 10 वर्षों से अधिक समय से भारतीय सेना इकाइयों, कमांडो प्रशिक्षण केंद्रों, सीआईएसएफ, उत्तराखंड पुलिस, हरियाणा पुलिस और रेलवे कमांडो यूनिट को भी प्रशिक्षित कर चुका है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं कानून-व्यवस्था आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि आज के दौर में पुलिस कर्मियों के लिए केवल हथियार ही नहीं, बल्कि आत्मरक्षा के आधुनिक कौशल भी बेहद जरूरी हैं। यह प्रशिक्षण उन्हें जनता की सुरक्षा में और अधिक प्रभावी बनाएगा।

डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने कहा कि गाजियाबाद पुलिस हमेशा अपने जवानों को सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। इस तरह के कार्यक्रम कर्मियों का आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें किसी भी आपात स्थिति से निपटने में सक्षम बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। सहायक पुलिस आयुक्त प्रियाश्री पाल ने कहा कि यह प्रशिक्षण महिला और पुरुष दोनों कर्मियों के लिए समान रूप से जरूरी है। पुलिस कर्मियों को हर परिस्थिति में जनता और खुद की रक्षा करने का साहस और कौशल मिलना चाहिए।

हमारी कोशिश है कि हर वर्दीधारी आत्मविश्वास से लैस हो। कार्यक्रम में शामिल महिला पुलिस कर्मियों ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से उन्हें दैनिक जीवन और ड्यूटी दोनों में आत्मविश्वास मिला है। पुरुष पुलिस कर्मियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए आगे भी ऐसे प्रशिक्षण जारी रखने की मांग की। पुलिस आयुक्त महोदय ने आश्वस्त किया है कि इस तरह के विशेष आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम कमिश्नरेट गाजियाबाद में लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे।
यह कदम न केवल पुलिस बल को सशक्त बना रहा है, बल्कि जनता में सुरक्षा और विश्वास का सकारात्मक संदेश भी पहुँचा रहा है। प्रशिक्षण में पूनम मिश्रा अपर पुलिस उपायुक्त नंदग्राम, सलोनी अग्रवाल सहायक पुलिस आयुक्त महिला अपराध, उपासना पाण्डेय सहायक पुलिस आयुक्त सुरक्षा/हिण्डन एयरपोर्ट सुरक्षा तथा विभिन्न थानों पर नियुक्त महिला पुलिस अधिकारी/कर्मचारीगण द्वारा प्रतिभाग किया गया ।