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नवाचारी रणनीति और कठोर कार्यान्वयन से जिले को अवैध शराब मुक्त कराने की मुहिम, तस्करों में मची खलबली
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अंग्रेजी शराब की बोतलों में देशी शराब भरकर बेचने वाले दो शातिर गिरफ्तार, किराना स्टोर की आड़ में दिल्ली की अवैध शराब का जखीरा बरामद
उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जनपद गौतमबुद्ध नगर को एक नई पहचान दिलाने और इसे अवैध शराब के काले कारोबार से पूरी तरह मुक्त करने के संकल्प के साथ, जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव अपनी तेजतर्रार कार्यशैली और अचूक रणनीतियों के बल पर लगातार सफलता की नई इबारत लिख रहे हैं। उनकी दूरदर्शी नीति और कठोर कार्यान्वयन ने अवैध शराब के माफियाओं की कमर तोड़ दी है, जिससे जिले में हड़कंप मचा हुआ है। श्री श्रीवास्तव की स्पष्ट मंशा है कि न केवल सरकार के राजस्व को बढ़ाया जाए, बल्कि अवैध शराब के उस मकड़जाल को भी ध्वस्त किया जाए जो समाज को खोखला कर रहा है। उनकी कुशल नेतृत्व में आबकारी विभाग की टीम हर दिन नए खुलासे कर अवैध कारोबारियों के मंसूबों पर पानी फेर रही है। इसी कड़ी में, विभाग ने एक बार फिर दो बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम देते हुए अवैध शराब के धंधे का पर्दाफाश किया है और दो तस्करों को सलाखों के पीछे धकेल दिया है।
पहली महत्वपूर्ण कार्रवाई आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय की सक्रियता और सटीक सूचना तंत्र का परिणाम रही। उन्हें मुखबिर से जानकारी मिली कि सादोपुर क्षेत्र में कुछ व्यक्ति अवैध रूप से शराब का निर्माण और बिक्री कर रहे हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए, आबकारी निरीक्षक ने थाना बादलपुर पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त टीम का गठन किया और सादोपुर में एक आवासीय कॉलोनी पर दबिश दी। इस छापेमारी में, टीम ने एक घर की पहली मंजिल से दो शातिर विक्रेताओं – अतुल पुत्र सुरजन सिंह (निवासी जोधपुर, जिला फिरोजाबाद) और नितिन कुमार पुत्र प्रदीप कुमार (निवासी थाना राजा का रामपुर, जिला एटा) – को उस समय रंगेहाथ गिरफ्तार किया, जब वे अंग्रेजी शराब की खाली बोतलों में मिलावटी देशी शराब भर रहे थे। मौके से बरामदगी में 9 हाफ इंपीरियल ब्लू अंग्रेजी शराब की बोतलें (जिनमें देशी शराब भरी हुई थी), 90 पौवे ट्विन टावर टेट्रा (सभी उत्तर प्रदेश में बिक्री के लिए अधिकृत), विभिन्न अंग्रेजी ब्रांडों की खाली बोतलें (5 इंपीरियल ब्लू हाफ, 4 रॉयल स्टैग हाफ, 1 व्हाइट एंड ब्लू हाफ, 1 आफ्टर डार्क हाफ, 28 पीएम व्हिस्की हाफ, 6 इंपीरियल ब्लू पौवे, 1 ऑल सीजन पौवा) और 18 देशी शराब के खाली टेट्रा शामिल थे।
पूछताछ में पकड़े गए इन धूर्त आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे लाइसेंसी शराब की दुकानें बंद होने के बाद देशी शराब को अंग्रेजी शराब की बोतलों में भरकर ऊंचे दामों पर बेचते थे। वे ग्राहकों को देशी शराब पिलाकर उनसे अंग्रेजी शराब की कीमत वसूलते थे। इस अवैध धंधे को चलाने के लिए उन्होंने अपने घर को ही एक गुप्त ठिकाना बना लिया था। हालांकि, जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव की सतर्कता और प्रभावी रणनीति ने इन तस्करों के हौसलों को मिट्टी में मिला दिया। इस मामले में, यह भी पाया गया कि पकड़े गए आरोपी कुछ ही समय पहले दुकानों पर काम करने के लिए आए थे, लेकिन रातोंरात अमीर बनने की लालसा ने उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। विक्रेताओं की इस घिनौनी हरकत में संलिप्तता पाए जाने पर कंपोजिट दुकान सादोपुर की झाल और अच्छेजा के लाइसेंसधारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और उनकी दुकानें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई हैं, जिसके बाद आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
इसी क्रम में, एक और महत्वपूर्ण सफलता आबकारी विभाग और थाना सेक्टर 20 की संयुक्त टीम को मिली। गुरुवार रात को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर सेक्टर-27 स्थित फौजी वाली गली में ज्योति किराना स्टोर पर छापा मारा गया। यहाँ, तस्कर भोगी झा पुत्र कमाल नारायण झा को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से 10 पौवा रॉयल स्टैग ब्रांड की अवैध विदेशी शराब (जो केवल दिल्ली में बिक्री के लिए अधिकृत है), 24 कैन किंगफिशर अल्ट्रा मैक्स बियर और 12 कैन बीरा बूम बियर (यह भी केवल दिल्ली में बिक्री के लिए) बरामद हुई। यह शातिर अपराधी किराना दुकान की आड़ में दिल्ली से तस्करी कर लाई गई अवैध शराब बेच रहा था। गिरफ्तार अभियुक्त भोगी झा के विरुद्ध थाना सेक्टर-20 गौतमबुद्धनगर में आबकारी अधिनियम 60/63 के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुट गई है।
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने इन सफल कार्रवाइयों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जिले में अवैध शराब के कारोबार को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए विभाग की टीमें लगातार मुस्तैद हैं और यह अभियान और भी तेज किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अवैध शराब के निर्माण, बिक्री या तस्करी में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी, ताकि गौतमबुद्ध नगर को अवैध शराब के दाग से मुक्त कर एक स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा सके। उनकी इस दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रभावी नेतृत्व के कारण ही आज जिले में अवैध शराब माफियाओं के हौसले पस्त हैं।
गौतमबुद्ध नगर जिले को अवैध शराब के कारोबार से मुक्त कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस दिशा में हम लगातार कठोर कदम उठा रहे हैं। हमारी टीम दिन-रात मेहनत कर रही है ताकि जिले में अवैध शराब का निर्माण, बिक्री और तस्करी पूरी तरह से बंद हो सके। आज की ये दो बड़ी कार्रवाइयाँ हमारी इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।
पहली कार्रवाई में, सादोपुर में जिस तरह से अंग्रेजी शराब की बोतलों में देशी शराब भरकर उपभोक्ताओं को धोखा दिया जा रहा था, वह न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ है। हमने त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल दोषियों को गिरफ्तार किया है, बल्कि उन लाइसेंसी दुकानों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए हैं, जिनके कर्मचारियों की इसमें संलिप्तता पाई गई है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या मिलीभगत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमने संबंधित दुकानों को निलंबित कर दिया है और उनके लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
आबकारी विभाग की टीमें जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अपना अभियान जारी रखेंगी। हम सूचना तंत्र को और मजबूत कर रहे हैं और लगातार छापेमारी कर रहे हैं। यदि किसी भी व्यक्ति को अवैध शराब के निर्माण, बिक्री या भंडारण की जानकारी मिलती है, तो वे निसंकोच हमसे संपर्क करें, उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी और तत्काल कार्रवाई की जाएगी। हमारा लक्ष्य है कि गौतमबुद्ध नगर एक ऐसा जिला बने जहाँ अवैध शराब का कोई स्थान न हो। हम व्यापारियों से भी अपील करते हैं कि वे नियमों का पालन करें और किसी भी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल न हों। सरकार के राजस्व को बढ़ाना और नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है, और हम इसे पूरी निष्ठा के साथ निभाते रहेंगे।”
सुबोध कुमार श्रीवास्तव
जिला आबकारी अधिकारी
गौतमबुद्ध नगर


















