अस्पताल की भी मिलेगी सौगात, किसानों ने भूमि पर दिया कब्जा
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में जनपद गौतमबुद्ध नगर का पहला सरकारी ट्रामा सेंटर और सौ बेड का अस्पताल स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। सेक्टर-22 ई में निकट भविष्य में यह प्रोजेक्ट धरातल पर उतारा जाएगा। ट्रामा सेंटर और अस्पताल की भूमि पर कृषकों ने शनिवार को कब्जा दे दिया। कुल छह एकड़ में ट्रामा सेंटर और अस्पताल का निर्माण होना है। इसके लिए यूपी सरकार 45 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित कर चुकी है।
जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह की पहल पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में ट्रामा सेंटर और सौ बेड के अस्पताल को स्वीकृति प्रदान की थी। यमुना प्राधिकरण ने इसके लिए छह एकड़ भूमि निशुल्क दे दी है। किसानों द्वारा प्राधिकरण को जमीन पर कब्जा नहीं दिए जाने के कारण इसका कार्य शुरू नहीं हो पा रहा था। शनिवार को जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर ग्राम रौनीजा के प्रभावित किसानों से वार्ता की। उन्हें यहां बनने वाले अस्पताल की महत्ता के बारे में बताया। उनसे सहयोग की अपील भी की। इस पर किसान सहमत हो गए। यमुना प्राधिकरण की टीम ने चिन्हांकन कर लिया।
जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह की मौजूदगी में अस्पताल के निर्माण को आरंभ करने के लिए इस कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों की मौजूदगी में यमुना प्राधिकरण के अफसरों ने भूमि चिन्हित की। अब उम्मीद है कि ट्रामा सेंटर और अस्पताल का निर्माण जल्द शुरू होगा। ट्रामा सेंटर और अस्पताल बनने से यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर होने वाले हादसों में हताहत लोगों के इलाज में भी सहूलियत मिलेगी। अभी यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे किसी तरह का बड़ा सरकारी अस्पताल नहीं है। इसके चलते इलाज में दिक्कत होती है।
















