जमीन लेकर उद्योग नहीं लगाने वालों पर चलेगा यूपीसीडा का हंटर, भूखंडों का आवंटन होगा निरस्त

-यूपीसीडा ने औद्योगिक इकाई शुरू नहीं करने वालों को भेजा नोटिस, नहीं मिला जवाब, अब होगी कड़ी कार्रवाई
– क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल शर्मा ने बताया 31 दिसंबर के बाद आवंटन स्वत: निरस्त हो जाएगा

उदय भूमि ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। उद्योग लगाने के लिए जमीन लेकर उस पर फैक्ट्री नहीं लगाने वाले उद्यमियों पर उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) अब कार्रवाई का हंटर चलाएगा। यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल शर्मा ने उद्यमियों के साथ बैठकें करके और नोटिस जारी करके प्राधिकरण के आदेश से अवगत करा दिया है। क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि जिन उद्यमियों द्वारा फैक्ट्री लगाने के लिए 8 साल पहले भूखंड आवंटित कराने के बाद भी अभी तक फैक्ट्री स्थापित कर संचालन नहीं किया गया। ऐसे उद्यमियों के भूखंडों का आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई यूपीसीडा करेगा। प्राधिकरण ने निर्णय लिया है कि ऐसे आवंटियों का 31 दिसंबर के बाद आवंटन स्वत: निरस्त हो जाएगा। अनिल शर्मा ने बताया कि अगर किसी आवंटी ने औद्योगिक इकाई बनाकर संचालित कर ली है तो इसकी जानकारी प्राधिकरण के कार्यालय में जरूर दे दें। अन्यथा उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और नियमों की अवहेलना करने वाले सभी आवंटियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में उद्यमियों को लगभग तीन हजार औद्योगिक भूखंड आवंटित हुए हैं। इन सभी भूखंडों पर उद्यमियों को औद्योगिक इकाईयां स्थापित करनी थी, इसमें से करीब दस प्रतिशत आवंटियों ने अपनी औद्योगिक इकाई शुरू नहीं की है। उद्यमियों ने भूखंड तो ले लिया, लेकिन उस पर इकाई का निर्माण नहीं किया। कई उद्यमियों ने अभी तक अपनी यूनिट को शुरू नहीं किया। ऐसे आवंटियों को उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने कई बार नोटिस भेजा है। लेकिन इन उद्यमियों ने नोटिस का जवाब देना भी मुनासिब नहीं समझा। यूपीसीडा के अधिकारियों का कहना है कि 2020 से आठ वर्ष पूर्व जिनको भूखंड आवंटित किया गया था और उन्होंने अब तक इकाई का निर्माण नहीं किया है। ऐसे आवंटियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रीयल एरिया डेवलपमेंट एक्ट-1976 की धारा-7 में दिए गए प्राविधान के तहत 7 जनवरी-2022 को अधिसूचना के अंतर्गत किए गए संशोधन के क्रम में विकसित औद्योगिक क्षेत्रों के सभी ऐसे आवंटियों को पहले ही सूचित किया जा चुका है। इन उद्यमियों को भूखंडों का आवंटन 8 साल पहले किए गया था। इन भूखंडों के आवंटन किए जाने के बाद भी वर्तमान समय तक उक्त उद्यमियों यानी कि भूखंड आवंटियों द्वारा भूखंडों पर इकाई स्थापित कर इसका संचालन नहीं किया गया। यह एक गंभीर प्रकरण है। भूखंडों का आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई करने के बाद इन भूखंडों पर यूपीसीडा अपना कब्जा लेने की कार्रवाई करेगा। उद्यमियों द्वारा आवंटित भूखंडों पर यूपीसीडा के मानकों क्रियाशीलता एवं न्यूनतम अधिभोग के अनुसार फैक्ट्री स्थापित कर संचालित कर ली गई है। इसके संबंध में यूपीसीडा को वर्तमान समय तक जानकारी नहीं दी गई तो उक्त की सूचना भी 31 दिसंबर तक कार्यालय में उद्यमियों द्वारा उपलब्ध करा दी जाए। अन्यथा भूखंड निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इन भूखंडों को निरस्त करने के बाद यूपीसीडा इन पर कब्जा लेगा।