यमुना प्राधिकरण की पहल, किसानों को मिलेगी राहत

आबादी के भूखंड और बैक लीज के मामलों का होगा निदान, सेटेलाइट इमेज की ली जाएगी मदद

ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। इसके तहत आबादी के 7 प्रतिशत भूखंड और बैक लीज के प्रकरणों का निदान करने पर ध्यान दिया गया है। इन प्रकरणों का इस साल के अंत तक निपटारा कर दिया जाएगा। इसके लिए सेटेलाइट इमेज की मदद भी ली जाएगी।

यमुना प्राधिकरण ने इन दोनों मसलों पर विशेष सुनवाई की शुरुआत की है। पहले दिन आए किसानों को उनके मामलों के निस्तारण का रास्ता बताया गया। इससे किसानों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। यमुना प्राधिकरण ने कृषकों की समस्याओं के निस्तारण के लिए विशेष अभियान की शुरुआत की है। विशेषकर 7 प्रतिशत आबादी के भूखंड और बैक लीज के मामलों के लिए यह पहल की गई है। इसके लिए गुरुवार और शुक्रवार को सुनवाई करने के लिए दिन निर्धारित किया गया है। गुरुवार को यमुना प्राधिकरण ने औरंगपुर, अट्टा गुजरान और जगनपुर के किसानों की समस्याओं को सुना और उनके समाधान का रोडमैप भी बताया। यह भी आश्वासन दिया कि उक्त मामले तय समय सीमा के भीतर निपटा लिए जाएंगे। यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) डॉ. अरुणवीर सिंह का कहना है कि दिसंबर तक दोनों मुद्दों को हल कर दिया जाएगा।

इसके लिए काम चल रहा है। यमुना प्राधिकरण के अंतर्गत 29 गांव के किसानों के लिए 7 प्रतिशत आबादी के भूखंड मिलने हैं। इनमें से 19 गांव के किसानों का मुद्दा सुलझ गया है। उन्हें भूखंड दे दिए गए हैं। 10 गांव के किसानों को अभी भूखंड दिए जाने हैं। प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक सेक्टर-25 ए में 8 गांवों के किसानों के भूखंड विकसित कर दिए गए हैं। जल्द आवंटन कर दिया जाएगा। यमुना प्राधिकरण के अंतर्गत बैक लीज के 343 मामले हैं। इनमें से 75 का निपटारा कर दिया गया है। शेष मामलों को भी जल्द निपटा दिया जाएगा। इन मामलों को निपटाने के लिए सैटेलाइट इमेज का सहारा लिया जा रहा है। उम्मीद है कि दिसंबर तक इन सभी मुद्दों को हल कर दिया जाएगा।