यमुना प्राधिकरण के सीईओ के काम की दिल्ली से लखनऊ तक प्रशंसा

नोएडा एयरपोर्ट शिलान्यास समारोह के बाद चर्चाओं में आए डॉ. अरुणवीर सिंह

ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) का शिलान्यास हो चुका है। इसके बाद निर्माण कार्य की शुरूआत हो गई है। शिलान्यास समारोह के सफलता पूर्वक आयोजन की चचार्एं दिल्ली से लेकर लखनऊ तक खूब हो रही हैं। समारोह के दौरान जिस प्रकार की व्यवस्थाएं की गई थीं, वह काबिले-तारीफ थीं। इसका काफी श्रेय यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) डॉ. अरुणवीर सिंह को जाता है। डॉ. सिंह की मॉनिटरिंग में दिन-रात समारोह स्थल पर आवश्यक तैयारियों को अंजाम दिया गया था। इससे पीएम और सीएम भी काफी प्रसन्न थे।Ghaziabad number-1 in the cleanliness security challenge, the hard work of the municipal corporation paid off प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 नवम्बर को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) की आधारशिला रखी थी। इस कार्यक्रम में पीएम के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई वीआईपी पहुंचे थे। शिलान्यास समारोह में भीड़ भी ऐतिहासिक थी। इस वीवीआईपी कार्यक्रम को सफलता पूर्वक संपन्न कराना और वहां आवश्यक सुविधाओं का बंदोबस्त करना किसी चुनौती से कम नहीं था। दरअसल शिलान्यास समारोह की तिथि फाइनल होने के बाद आवश्यक तैयारियों के लिए ज्यादा समय नहीं था। चुनौती बड़ी होने के बावजूद यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह कतई तनाव में नहीं थे। कार्यक्रम स्थल पर सुविधाओं का प्रबंध समय से हो सके, इसके लिए मद्देनजर वह दिन-रात मॉनिटरिंग करते रहे। मातहतों के साथ समय-समय पर वार्ता कर उन्हें जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। समारोह स्थल पर 4 हैलीपेड और 10 पार्किंग स्थल की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा समारोह स्थल से जुड़े सभी एप्रोज रोड की मरम्मत की जानी थी। इन सभी कार्यों को बखूबी अंजाम देने में सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह पूरी तन्मयता के साथ जुटे रहे। सीईओ डॉ. सिंह ने समारोह स्थल पर सुविधाओं के प्रबंध का जो खाका खींचा था, वह बेहद कारगर रहा। जेवर एयरपोर्ट के निर्माण में यमुना प्राधिकरण भी अह्म भूमिका निभा रहा है।

सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह इस प्रोजेक्ट को लेकर पिछले काफी समय से कसरत कर रहे हैं। शिलान्यास समारोह स्थल पर जरूरी सुविधाओं की समय से व्यवस्था हो सके, इसे लेकर वह विभिन्न विभागों के साथ न सिर्फ बराबर संपर्क में रहे बल्कि अपने स्तर से भी हरसंभव कदम उठाने से कतई पीछे नहीं रहे। सीईओ डॉ. सिंह के इन प्रयासों की सरकारी, राजनीतिक एवं समाजिक क्षेत्रों में अब खासी चर्चा हो रही है।