यमुना प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि बिल्डरों के परियोजनाओं में व्यवसायिक और संस्थागत जमीन का आवंटन निरस्त किया जाएगा और इस जमीन को बेच कर किसानों को अतिरिक्त मुआवजा का पैसा दिया जाएगा। यानी बिल्डरों के समक्ष दो ही विकल्प हैं या तो उसे बकाया का भुगतान करना होगा या फिर उसके जमीन का आवंटन निरस्त होगा।
उदय भूमि ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। सत्ता के साथ मिलकर मनमानी करने वाले बिल्डरों के दिन अब खराब चल रहे हैं। यमुना प्राधिकरण के कारण सुपरटेक और एटीएस बिल्डर का दीवाली से पहले दीवाला निकलेगा। प्राधिकरण ने दोनों बिल्डरों को अतिरिक्त मुआवजा जमा नहीं करने के कारण अंतिम नोटिस जारी किया है। नोटिस जारी होने के 15 दिनों के भीतर पैसा जमा नहीं कराने पर इन दानों बिल्डरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। दोनों बिल्डरों पर करीब 332 करोड़ रुपये बकाया है। यमुना प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि बिल्डरों के परियोजनाओं में व्यवसायिक और संस्थागत जमीन का आवंटन निरस्त किया जाएगा और इस जमीन को बेच कर किसानों को अतिरिक्त मुआवजा का पैसा दिया जाएगा। यानी बिल्डरों के समक्ष दो ही विकल्प हैं या तो उसे बकाया का भुगतान करना होगा या फिर उसके जमीन का आवंटन निरस्त होगा।
ज्ञात हो कि तीन महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने किसानों को 64.7 प्रतिशत का अतिरिक्त मुआवजा देने को लेकर आदेश जारी किया था। ऐसे में किसानों को मुआवजे के रूप में दिया जाने वाला यह पैसा आवंटियों से वसूल किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बकाया वसूली के लिए यमुना प्राधिकरण ने सुपरटेक और एटीएस बिल्डर को नोटिस जारी किया। लेकिन नोटिस के बाद भी बिल्डर ने बकाया का भुगतान नहीं किया। ऐसे में अब प्राधिकरण ने दोनों बिल्डरों को अंतिम नोटिस जारी कर बकाया जमा किराने को कहा है। एटीएस बिल्डर को यमुना प्राधिकरण द्वारा लगभग 100 एकड़ जमीन आवंटित की थी। इसमें 10016 वर्ग मीटर व्यवसायिक और 33881 वर्ग मीटर जमीन संस्थागत की है। एटीएस बिल्डर को किसानों को दिये जाने वाले 159.85 करोड रुपए अतिरिक्त मुआवजे के रूप में देना है। सेक्टर 17ए में करीब 100 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। इस परियोजना में 13270 वर्ग मीटर व्यवसायिक और 25000 वर्ग मीटर संस्थागत भू उपयोग वाली जमीन है। ऐसे में बिल्डर द्वारा पैसा जमा नहीं कराया गया तो इन जमीनों का आवंटन निरस्त कर उसे बेच कर किसानों का बकाया भुगतान किया जाएगा। बिल्डर को अतिरिक्त मुआवजे के रूप में 172.73 करोड यमुना प्राधिकरण में जमा करना है। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि सुपरटेक और एटीएस बिल्डर को अतिरिक्त मुआवजा जमा कराने के लिए अंतिम अवसर दिया गया है। दोनों बिल्डरों को नोटिस जारी कर 15 दिन में पैसा जमा करना होगा। पैसा जमा नहीं कराने पर बिल्डरों को आवंटित भूखंड में से आंशिक आवंटन निरस्त किया जाएगा।
















