पहली बार औद्योगिक भूखंडों की नीलामी में यमुना प्राधिकरण को डबल मुनाफा

ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) में गुरुवार को पहली बार औद्योगिक भूखंडों के आवंटन के लिए नीलामी प्रक्रिया आयोजित की गई। नीलामी प्रक्रिया काफी सफल रही। यमुना प्राधिकरण को आरक्षित मूल्य से डबल पैसा मिला। नीलामी में छह औद्योगिक भूखंडों का आरक्षित मूल्य 71.48 करोड़ रुपए था। इसकी एवज में यीडा को 140.97 करोड़ रुपए मिले हैं। विभाग को नीलामी से 97 प्रतिशत अधिक रकम मिला है। सर्वाधिक महंगा भूखंड 12 हजार वर्ग मीटर में बिका है। इसका आरक्षित मूल्य 9.95 करोड़ रुपए था।

जबकि यह 29.05 करोड रुपए में बेचा गया। यमुना प्राधिकरण ने लेफ्टओवर स्कीम के अंतर्गत छह औद्योगिक भूखंडों की योजना लॉन्च की थी। इस योजना के भूखंड सेक्टर-32 व 33 में हैं। सेक्टर-33 में 7050 वर्ग मीटर, दस हजार वर्ग मीटर व बारह हजार वर्ग मीटर के एक-एक भूखंड थे। जबकि सेक्टर-32 में बीस हजार वर्ग मीटर के तीन भूखंड थे। इनके लिए 80 आवेदन आए थे। छह भूखंडों का आरक्षित मूल्य 71.4 8 करोड़ रुपए था। उसमें प्राधिकरण को 140.97 करोड़ रुपए मिले हैं। पूरी नीलामी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई गई है।

सबसे अधिक महंगा भूखंड 12000 वर्ग मीटर का बिका। इसका आरक्षित मूल्य 9.95 करोड़ रुपए था। जबकि इसकी बोली 29.05 करोड रुपए तक पहुंची। जेवर एयरपोर्ट आने के बाद यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में सभी तरह के भूखंडों की मांग बढ़ी है। इसकी बानगी गुरुवार को औद्योगिक भूखंडों की नीलामी में देखने को मिली। आधार मूल्य से करीब दोगुने में औद्योगिक भूखंडों का आवंटन हुआ। इससे यमुना प्राधिकरण को भी फायदा हुआ है। जानकारों का मानना है कि अगली योजना में नीलामी और ऊपर तक जाएगी। एयरपोर्ट के चलते यहां पर लोग उद्यमी निवेश करना चाहते हैं।

यमुना प्राधिकरण ने छह औद्योगिक भूखंडों की योजना लॉन्च की थी। इसमें अस्सी आवेदक पत्र आए थे। यीडा ने पहली बार नीलामी के जरिए औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया है। नीलामी से यीडा को काफी लाभ मिला है।

डॉ. अरुणवीर सिंह
सीईओ
यमुना प्राधिकरण