विद्युत संविदा कर्मियों को 22000 रूपए वेतन देने की मांग

-कर्मचारियों का शोषण बर्दाश्त नहीं: आरएस राय

लखनऊ। आंधी तूफान, भीषण गर्मी, कड़कड़ाती ठंड या किसी आपदा के कारण विद्युत व्यवस्था जब ठप्प हो जाती है। मगर उस दौरान हर परिस्थितियों में भी अपने परिवार और अपनी जान की परवाह किए बगैर विद्युत उपभोक्ताओं को सुविधा देने के लिए हमेश विद्युतकर्मी हमेशा समर्पित रहते है। उनके कार्यो को देखकर भी सरकार विद्युतकर्मियों के साथ अन्याय कर रही है। सुविधा के नाम पर कुछ नही दिया जाता है। कर्मचारियों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्हें उनका हक दिलाने के लिए संगठन हमेशा संघर्ष करेगा। यह बातें लखनऊ विद्युत संविदा मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश की केन्द्रीय कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए प्रांतीय महामंत्री आशीष कुमार ने कहीं। उन्होंने कहा जब विद्युतकर्मियों के साथ घटना घटित हो जाती है, परिवार के भरण-पोषण के लिए कुछ नही दिया जाता है। संविदा अकुशल श्रमिकों को न्यूनतम वेतन 22000 रूपए व कुशल श्रमिकों तथा सब स्टेशनों पर परिचालन में लगे और कम्प्यूटर आपरेटरो को 25000/रूपये वेतन देने तथा विभागीय कार्य करते हुए मृत होने की दशा में 20 लाख रूपये कार्पोरेशन द्वारा सहायता राशि मृतक आश्रित परिवार को दिये जाने की मांग को प्रांतीय महामंत्री आशीष कुमार ने बैठक में प्रमुखता से उठाया।
प्रदेश अध्यक्ष भोला सिंह कुशवाहा ने कहा कि सैनिक कल्याण निगम के अप्रशिक्षित कर्मी जिन्हें विद्युत परिचालन सम्बंधी कोई जानकारी नहीं है। जिनकी अज्ञानता के कारण आए दिन विद्युत संविदा मजदूरों की मौतें हो रही है। उनको कारपोरेशन यदि 20 हजार रूपये वेतन दे रहा है तो विभाग ने वर्षों से कार्यरत और अनुभवी लाईनमैन को 20 हजार रूपए क्यों नही दे रहा है। सभा की अध्यक्षता करते हुए संगठन के मुख्य संरक्षक आरएस राय ने कहा कि कारपोरेशन में वर्षों से खाली पड़े 65000 पदो पर संविदा मजदूरों को समायोजित करने व अन्य मांगों को लेकर संगठन जल्द ही कोई बड़ा फैसला लेगा। कार्यकारिणी में गाजियाबाद क्षेत्र से क्षेत्रीय अध्यक्ष फईम उल्वारी, जिला संयोजक राजू सिंह, जिलाध्यक्ष शमशाद अली, विद्युत मजदूर संगठन के महामंत्री जितेंद्र सिंह राना आदि उपस्थित रहे।