आवेदन का निस्तारण नही होने पर डीएम ने बैंक अधिकारियों को लगाई फटकार

स्व-रोजगार योजना की समीक्षा:
बैंकों से लोन के आवेदन का निस्तारण नही होने पर डीएम ने बैंक अधिकारियों को लगाई फटकार

गाजियाबाद। जिला उद्योग केंद्र, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड तथा एनआरएलएम द्वारा संचालित स्व-रोजगार योजनाओं के लिए शुक्रवार को समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने कहा कि बैंकों को त्रण वितरण में गंभीरता से काम करना चाहिए। सभी निरस्त आवेदन पत्रों को एक बार फिर से रिव्यू कर लिया जाए। समीक्षा बैठक में पाया गया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना अंतर्गत कुल 431 आवेदन पत्र प्रेषित किए गए, जिसमें 271 आवेदन पत्र बैंक शाखाओं ने निरस्त कर दिए। यह प्रेषित आवेदन पत्रों के सापेक्ष लगभग 63 प्रतिशत है। बड़ी संख्या में आवेदन पत्र निरस्त किए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि निरस्त आवेदन पत्रों का एक बार फिर से रिव्यू कर लिया जाए। इसके बाद निरस्त आवेदन पत्रों की जांच जिला स्तर पर गठित समिति द्वारा की जाएगी। यदि आवेदन पत्र के निरस्तीकरण का कारण तर्कसंगत नहीं पाया गया तो संबंधित बैंक शाखा प्रबंधक के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में 254 आवेदन पत्र प्रेषण के सापेक्ष 118 आवेदन पत्र निरस्त किए गए। कुल स्वीकृत 55 आवेदन पत्रों के सापेक्ष मात्र 26 लाभार्थियों को ऋण मिला है। एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना अंतर्गत कुल 31 आवेदन पत्र स्वीकृत किए गए, मगर मात्र 19 लाभार्थियों को ऋण वितरण किया गया। संयुक्त आयुक्त (उद्योग) ने बताया की 30 सितंबर तक प्रशिक्षण की कोई बाध्यता नहीं थी। इसके उपरांत भी शाखा प्रबंधकों द्वारा ऋण वितरण में तेजी नहीं दिखाई गई। भारतीय स्टेट बैंक, इलाहाबाद बैंक और बैंक ऑफ इंडिया ने स्वीकृति के बावजूद ऋण का वितरण नहीं किया। इलाहाबाद बैंक की स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही। सीडीओ अस्मिता लाल एवं अन्य अधिकारियों और बैंक प्रबंधकों के साथ बैठक करते हुए समीक्षा की।