-नेहरु ने राम के नाम को नकार और पीएम मोदी ने रखी राममंदिर की नींव
-भाजपा पिछड़ा मोर्चा के दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक
उदय भूमि संवादादात
अयोध्या। जिस राज्य में गुण्डागर्दी समाप्त हो जाये, वह राज्य खुशहाली की ओर जाता है। पूर्व की सरकारों में पश्चिम उत्तर प्रदेश में कई जगह पांच बजे दरवाजा बंद हो जाते थे। लोगो को डर रहता था कि आपराधिक घटना हो जायेगी तो मुकदमा लिखा जाएगा कि नही। मगर योगी सरकार में किसी की हिम्मत है कि खेत में रखा फावड़ा तक उठाकर ले जाये। यह बातें शनिवार को अयोध्या में आयोजित भाजपा पिछड़ा मोर्चा के दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के प्रथम दिन उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहीं। उन्होने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश में अक्सर बम गिरता था। कभी अयोध्या तो कभी काशी में। मगर योगी सरकार के कार्यकाल में न तो कोई बम गिरा है और नही कहीं कोई दंगा हुआ है। रेलवे स्टेशन पर एक कुली उनका स्वागत करने आया था। कुली का कहना था कि उसकी बेटी सिपाही हो गयी और एक भी पैसा घूस नहीं लगा। भाजपा में न जातिवाद और न परिवारवाद यहां केवल एक चीज है राष्ट्रवाद।
उन्होने कहा कि मोदी सरकार में 27 ओबीसी के मंत्री है। मंण्डल कमीशन की सिफारिशों को योगी सरकार ने लागू किया। गरीबों को पहली बार शौचालय मिला। आवास, किसान सम्मान निधि के साथ प्रेगनेंट महिला को सुविधा देने से लेकर बेटी की शिक्षा तक की व्यवस्था सरकार कर रही है। उन्होने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री जब चाईना में उतरते है तो वहां भी भारत की माता की जय के नारे लगते है। स्वतंत्रता सेनानियों को आज गर्व महसूस होता होगा। नेहरु ने राम के नाम को नकार दिया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राममंदिर की नींव रखी। धारा 370 एक झटके में समाप्त कर दिया।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह ने कहा कि आजादी मिलने से पहले बनी अंतरिम सरकार सरदार पटेल को प्रधानमंत्री बनाना चाहती थी। परन्तु एक व्यक्ति के कारण वह नहीं बन सके। आजादी के बाद गरीब, शोषित व वंचित व्यक्तियों को मजबूत करने का काम उसने किया जिसका चाय की दुकान व रेलवे प्लेटफार्म पर बीता था। माताए लकड़ी पर खाना बनाती थी तो उसके आंसू निकलते थे जिसे पोछने का काम मोदी सरकार ने किया। यूपी की पिछली सरकार के कार्यकाल में 46 लाख शौचालय बने थे। परन्तु योगी सरकार ने 2 करोड़ 21 लाख शौचालय बनाये। पिछड़ो के नाम पर सपा, कांग्रेस व बसपा केवल राजनीति करते है। महात्मा गांधी, लोहिया व जय प्रकाश जाति व्यवस्था के खिलाफ थे। दूसरी पार्टियां दिन भर पिछड़ो के नारे लगाती है। परन्तु शाम होते वह अपने परिवार के नाम हो जाती है।
क्रीमी लेयर की सीमा 6 लाख से 8 लाख करने की सिफारिश 1993 में हुई थी। जिसे लागू मोदी सरकार ने 2021 में किया। नीट में आरक्षण देने का निर्णय 1986 में आया था। परन्तु उसे लागू करने में 35 साल लग गये। जिसे नरेन्द्र मोदी ने अपने कार्यकाल में लागू किया।
दूसरे सत्र में ओबीसी मोर्चा के राष्टीय अध्यक्ष के लक्ष्मण ने कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग को एससी एसटी की भांति संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिए पिछले संसद सत्रों में भाजपा ने भरपूर प्रयास किया। परन्तु कांग्रेस के असहयोग व विरोध के परिणाम स्वरुप व राज्यसभा में बहुमत न होने के कारण यह पास नहीं हो सका। ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि ओबीसी मोर्चे को प्रदेश का सबसे बढ़ा मोर्चा बनाने के लिए हम संकल्पित है। हमारा लक्ष्य है कि इस बार 350 के पार। इस लक्ष्य को पूरा करने में ओबीसी मोर्चा अहम रोल निभायेगा। भाजपा सबका साथ सबका विकास के पथ पर चलते हुए सबका विश्वास हासिल करने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है। प्रदेश प्रभारी दयाशंकर सिंह ने कहा कि गरीबों के चेहरे पर खुशी का भाव लाना हमारी प्राथमिकता है। केन्द्र व प्रदेश सरकार की सभी योजनाएं गरीबों के प्रति समर्पित है। गरीबों को नि: शुल्क आवास, शौचालय, रसोई गैस व विद्युत कनेशन दिया गया है। बैठक को केन्द्रीय मंत्री बीएल वर्मा, राष्ट्रीय महामंत्री संगमलाल गुप्ता, प्रदेश प्रभारी पूनम बजाज ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री विनोद यादव, रामचन्द्र प्रधान, संजय भाई पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष चिरंजीव चौरसिया, प्रमेंद्र जांगड़ा, जयप्रकाश कुशवाहा, भास्कर निषाद, शिव नायक वर्मा, प्रदेश मीडिया प्रभारी ओबीसी मोर्चा सौरभ जायसवाल, प्रवीण कुशवाहा मौजूद रहे।
















