विशेषज्ञों ने नगर निगम अधिकारियों को महत्वपूर्ण टिप्स दिए
सहारनपुर। सहारनपुर को गार्बेज फ्री शहर बनाने के लिए नगर निगम ने प्रयास तेज कर दिए हैं। कूड़ा-कचरा मुक्त शहर की श्रेणी में फाइव स्टार रेटिंग पाने को यह कवायद आरंभ की गई है। इसके मद्देनजर जमीनी स्तर पर काम किया जा रहा है। पिछले कुछ समय में सफाई व्यवस्था में बेहतर सुधार आया है। टीम वर्क के जरिए काम होने के साथ-साथ नागरिकों का भरपूर सहयोग भी विभाग को मिल रहा है। शासन स्तर से भेजे गए विशेषज्ञों ने भी नगर निगम के अधिकारियों और स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान से जुड़ी टीम के सदस्यों को महत्वपूर्ण टिप्स दिए हैं। विशेषज्ञों ने विभिन्न बिंदुओं से अवगत कराया है। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत सहारनपुर नगर निगम गार्बेज फ्री सिटी (जीएफसी) की श्रेणी में फाइव स्टार रेटिंग के लिए आवेदन कर रहा है। फाइव स्टार रेटिंग पाने के लिए क्या-क्या मानक अपनाने होंगे और इस लक्ष्य को हासिल करने में आने वाली चुनौतियों से कैसे निपटा जाएगा, इस संबंध में उप्र शासन के राज्य मिशन निदेशक की तरफ से विशेषज्ञों की टीम को सहारनपुर भेजा गया। विशेषज्ञों ने नगर निगम के अधिकारियों और स्वच्छता सर्वेक्षण टीम के सदस्यों के साथ सभी जरूरी बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के मंडल कार्यक्रम प्रबंधक वैभव पांडेय ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2022, ओडीएफ प्लस-प्लस तथा जीएफसी के तहत नगर निगम की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त कर समीक्षा की। वैभव पांडेय ने संबंधित गतिविधियों से जुड़ी समस्याओं का श्रवण कर उनका समाधान भी सुझाया। उन्होंने सिटी सोलिड वेस्ट एक्शन प्लान की भी जानकारी ली। तदुपरांत बताया कि सहारनपुर किस प्रकार स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में अपनी रैंकिंग बढ़ा सकता है। उन्होंने बताया कि जीएफसी के लिए सभी निकायों और निगमों को अपनी-अपनी तैयारियों के लिए अलग अलग स्टार के लिए आवेदन करना है। समीक्षा बैठक में अपर नगरायुक्त राजेश यादव, सहायक नगरायुक्त अशोक प्रियदर्शी, स्वच्छता मिशन की जिला समन्वयक जसलीन कौर तथा विभिन्न निकायों के अधिशासी अधिकारी शामिल रहे। इससे पूर्व नगरायुक्त ज्ञानेद्र सिंह ने विभागीय अधिकारियों व स्वच्छता टीम से जुड़े सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस बार सहारनपुर नगर निगम जीएफसी में फाइव स्टार रेटिंग के लिए आवेदन कर रहा है। इस रेटिंग को पाने तथा स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में सहारनपुर को नंबर वन पर लाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य करें। उन्होंने शहर के नागरिकों से स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत सिटीजन फीडबैक में सहयोग करने तथा सड़कों व नाले-नालियों में कूड़ा न डालने की भी अपील की।
















