डॉ. लोहिया के संघर्षों से सीख लें युवा नौजवान: शमीम खां

डॉ. लोहिया के 53वें निर्वाण दिवस पर सपा कार्यालय पर गोष्ठी का आयोजन कर उन्हें याद किया

उदय भूमि ब्यूरो
बरेली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर समाजवादी पार्टी द्वारा पूरे उत्तर प्रदेश में डॉ राम मनोहर लोहिया के 53वें निर्वाण दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिसके क्रम में समाजवादी पार्टी बरेली कार्यालय पर गोष्ठी का आयोजन कर प्रखर समाजवादी चिंतक एवं विचारक डॉ राम मनोहर लोहिया के सिद्धांतों पर प्रकाश डाला गया।
सर्वप्रथम डॉ. लोहिया के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पण कर उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए गए 7 गोष्ठी कार्यक्रम की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी एवं कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार मौजूद रहे।
महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने कहा की डॉश लोहिया ने कहा था कि लोग मेरी बात सुनेंगे जरूर, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद पूरी तरह से आज तक चरितार्थ हो रही है। लोग उनकी बातों से सीख लेकर आगे बढ़ रहे हैं। आज भारत देश ही नहीं अपितु पूरे विश्व में लोग उन्हें सच्चे समाजवादी के रूप में पहचानते हैं और उनका अनुसरण करते हैं। उन्होंने जीवन पर्यंत संघर्ष के रास्ते चलकर सच्चे समाजवाद का उदाहरण पेश किया आजादी से पहले आजादी के लिए लड़े और आजादी के बाद कांग्रेस की गलत नीतियों के खिलाफ आवाज उठाते रहे। वह एकमात्र ऐसे नेता रहे जिन्होंने अपनी केरल में सरकार के खिलाफ बेकसूर लोगों पर गोली चलवाने पर आवाज उठाई और विरोध प्रदर्शित किया। उनकी कथनी और करनी में कभी कोई अंतर नहीं रहा। जो कहा उस पर अटल रहे और वही किया इस बात को हम सब लोगों को अपने जीवन में उतारना चाहिए यही सच्चा समाजवाद है। गोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार जी ने कहा डॉ. लोहिया कहते थे कि जिंदा कौमे कभी 5 साल इंतजार नहीं करती डॉश लोहिया जी ने हमेशा संघर्ष का रास्ता चुना वह हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को बढ़ावा देते रहे। सांप्रदायिकता के खिलाफ मजबूती से खड़े रहे। अंग्रेजी भाषा के खिलाफ रहे। क्षेत्रीय भाषाओं के पक्षधर रहे। उनके दिखाए रास्ते पर चलकर चौधरी चरण सिंह एवं मुलायम सिंह यादव देश के सर्वमान्य नेता बने। हम लोग डॉ. लोहिया नहीं बन सकते, लेकिन उनसे सीखकर डॉ. लोहिया जैसे जरूर बन सकते हैं। आज हम सब लोग इस गोष्ठी में संकल्प लेकर जाएं कि किसी भी अत्याचार और गलत बात के खिलाफ आवाज उठाएंगे और संघर्ष के रास्ते चलेंगे यह उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी। गोष्ठी में पूर्व महानगर अध्यक्ष कबीर अहमद ने भी अपने विचार रखे, कार्यक्रम में पूर्व मंत्री अताउरहमान, पूर्व महानगर अध्यक्ष कदीर अहमद, जिला महासचिव सत्येंद्र यादव, महानगर महासचिव गौरव सक्सेना, शमीम अहमद, प्रमोद यादव, शेर सिंह गंगवार, हैदर अली, रईस मियां अब्बासी, रविंदर यादव, मयंक शुक्ला मोंटी, आदेश यादव गुड्डू, अरविंद यादव, हरिशंकर यादव, संजीव यादव, संदीप सिंह बग्गा, दीप्ति पांडे, जैनब फातिमा, बृजेश श्रीवास्तव, अशफाक गाजी, मोश कलीमुद्दीन, गोविंद सैनी, मोहर सिंह लोधी, असलम खान, गजेंद्र कुर्मी, वसीम चौधरी, मोहित भारद्वाज, कमल साहू, गौरव शर्मा, अनमोल तिवारी, दीपक शर्मा, भुवनेश यादव, आकाश यादव, रविकांत यादव, राहुल यादव, अनिल पाल, राजेश मौर्य, अब्दुल जब्बार, साबिर गुड्डू, बाबा मियां, रेहान, सदाकत, मोहित सक्सेना मौजूद रहे।