रजवी परचम से हुआ उर्स-ए-रजवी का आगाज

उर्स प्रभारी सय्यद आसिफ मियां व उलेमा की मौजूदगी में परचम कुशाई की रस्म अदा की

उदय भूमि ब्यूरो
बरेली। सुन्नी मुसलमानों के पेशवा इमाम-ए-अहले सुन्नत आला हजऱत फ़ाजि़ले बरेलवी का 102 वा उर्स-ए-रज़वी अपनी पूरी शान-ओ-शौकत के साथ आज शुरू हो गया। उर्सगाह इसलामिया मैदान में रज़ा गेट पर रज़वी परचम लहराते ही तीन रोज़ा उर्स का आगाज हो गया। दरगाह प्रमुख हजरत मौलाना सुब्हान रजा खान (सुब्हानी मियां) ने अपने दस्त-ए-मुबारक (हाथों) से सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी, उर्स प्रभारी सय्यद आसिफ मियां व उलेमा की मौजूदगी में परचम कुशाई की रस्म अदा की। दरगाह आला हजरत के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि इस मर्तबा कोविड 19 के चलते कदीमी परचमी जुलूस नही निकाला गया। रिवायत के मुताबिक आज़म नगर अल्लाह बक्श के निवास पर सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन मियां ने चंद लोगो की मौजूदगी में अल्लाह बख्श व सय्यद मुदस्सिर अली को परचम सौपा। जो पहले दरगाह पर सलामी देने पहुँचा यहाँ से दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां परचम लेकर इसलामिया मैदान पहुँचे। यहाँ परचम कुशाई की रस्म के बाद फातिहा व ख़ुसूसी दुआ की गई। बाद नमाज़ ए मगरिब हाजी गुलाम सुब्हानी व नातख़्वा आसिम नूरी ने मिलाद का नजऱाना पेश किया। रात 9 बजे महफिल का आगाज कारी रिजवान रजा ने किया। उलेमा ने हुज्जातुल इस्लाम की जि़ंदगी पर रोशनी डाली। रात 10 बजकर 35 मिनट पर हुज्जातुल इस्लाम मुफ़्ती हामिद रजा खान साहब के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। इसके बाद आल इण्डिया नातिया मुशायरा शुरू हुआ जो देर रात तक जारी था। उर्स की सभी व्यवस्था हाजी जावेद खान, शाहिद नूरी, परवेज नूरी, अजमल नूरी, औररंगजेब नूरी, ताहिर अल्वी, मंज़ूर खान, हाजी शारिक नूरी, तारिक सईद, शान रजा, गौहर खान, हाजी शकील, सुहैल खान, सबलू रजा, आसिफ नूरी, आरिफ रजा, सय्यद माजिद, मिर्जा जुनैद, एडवोकेट काशिफ, इशरत नूरी, साजिद नूरी, नईम नूरी, मोहसिन रजा, हाजी अब्बास नूरी, आलेनबी, रईस खान, काशिफ सुब्हानी, मुस्तकीम नूरी, इरशाद रजा, जावेद रजा ने संभाली।
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बाद नमाज ए फजर कुरानख्वानी होगी। सुबह 7 बजे हजरत जिलानी मियां साहब और 9 बजकर 58 मिनट पर रेहान-ए-मिल्लत के कुल शरीफ की रस्म अदा की जायेगी। दिन में नात ओ मनकबत का दौर जारी रहेगा। रात 9 बजे महफिल का आगाज होगा। देश के मशहूर उलेमा की तकरीर होगी। देर रात 1 बजकर 40 मिनट पर मुफ़्ती-ए-आजम के कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी।