विद्युत विभाग के जेई और टीजी-2 का कारनामा वायरल

वीडियो में खुली पोल, अधिकारियों ने साधी चुप्पी

गाजियाबाद। ट्रांस हिंडन क्षेत्र में विद्युत विभाग के अवर अभियंता (जेई) और टीजी-2 का कारनामा प्रकाश में आया है। दोनों के कारनामों पर विभागीय अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। जेई और टीजी-2 ने न सिर्फ लाइनमैन बल्कि डेयरी कारोबारी को भी मुश्किल में डाल दिया है। षडयंत्र कर लाइनमैन को नौकरी से हटवा कर घर बैठा दिया गया। इस प्रकरण से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में विद्युत जेई और टीजी-2 के कारनामे का खुलासा हो गया है। 33/केवी सब स्टेशन महराजपुर थर्ड में रतन सिंह पिछले 24 साल से लाइमैन के पद पर कार्यरत है। आरोप है कि अवर अभियंता शिवम कुमार, लाइनमैन रामू उर्फ रामअवतार और टीजी-2 नीरज कुमार ने लाइनमैन रतन सिंह को 28 हजार रुपए रिश्वत मांगने के आरोप में फंसाकर नौकरी से हटवा दिया। यही नहीं थाना लिंक रोड में झूठा मुकद्मा भी दर्ज करा दिया गया। जानकारी के मुताबिक जेई शिवम कुमार ने लाइनमैन रतन सिंह को टीजी-2 नीरज कुमार और लाइनमैन रामू व समीर के साथ गत वर्ष 12 सिंतबर को महाराजपुर गांव स्थित पंगासा स्कूल वाली गली में इरफान पुत्र आजम अली के यहां डिस्कनेक्शन की लिस्ट लेकर भेजा था। इसके कुछ दिन बाद जेई शिवम ने टीजी-2 नीरज कुमार, रामू और समीर के साथ मिलकर 28 हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप मढ़कर रतन को नौकरी से हटवा दिया। बाद में लाइनमैन समीर को 33/केवी सब स्टेशन महाराजपुर थर्ड में तैनात कर दिया। उक्त घटना की झूठी रिपोर्ट बनाकर रतन को चौकी में बैठवा दिया गया। जेई ने रतन को छुड़ाने का आश्वासन देने के बाद अपना मोबाइल भी बंद कर लिया। इस बीच टीजी-2 नीरज कुमार ने अपनी करतूतों को छुपाते हुए रतन के फोन से उसकी बेगुनाही के साक्ष्य भी डिलिट कर दिए। रतन सिंह का कहना है कि हरकेश चौधरी, प्रमोद, राजू को 33/केवी सब स्टेशन महराजपुर थर्ड में तैनाती दिखाकर जेई शिवम कुमार पिछले कई साल से हर माह तीनों की सैलरी उठाकर विद्युत विभाग को चूना लगा रहे हैं। जबकि तीनों कर्मचारियों को बिजली के काम का कोई अनुभव नहीं है। हरकेश चौधरी सेक्टर-10 वंसुधरा जैन मंदिर के पीछे दूध का, प्रमोद सेक्टर-10 वंसुधरा डीवीजन-6 में बिल ठीक कराने एवं नये कनेक्शन के नाम पर अवैध उगाही का जबकि राजू क्रेन चलाने का काम कर रहा है।
आरोप लगाया  कि कुछ माह पूर्व जाकीर, गुलाम, शाहिद ने मुख्य अभियंता वितरण क्षेत्र गाजियाबाद को पत्र लिखकर जेई शिवम कुमार व टीजी-2 नीरज कुमार की मिलीभगत से रामअवतार एवं राजेश कश्यप को झुग्गी-झोपड़ी में विद्युत सप्लाई करने का आरोप लगाया था। इस शिकायत की जानकारी मिलने पर नीरज ने अपनी गर्दन बचाकर जेई के साथ मिलकर रामअवतार एवं राजेश कश्यप के खिलाफ जुआ खेलने एवं बिजली घर में शराब पीने की शिकायत कर दी। सूत्रों का कहना है कि एक साल पहले टीजी-2 नीरज कुमार शालीमार गार्डन बिजली घर पर कैशियर के पद पर तैनात था। वहां फर्जी बैंक रसीद दिखाकर 1 लाख 94 हजार 770 रुपए का गबन कर लिया गया था। तत्कालीन एक्सईएन अभय कुमार जैन के समक्ष उसने अपनी गलती को भी स्वीकार कर लिया था। इसके करीब पांच माह बाद नीरज ने 1 लाख 94 हजार 770 रुपए जमा करा दिए थे। लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। मौजूदा एक्सईएन अभिषेक कुमार ने टीजी-2 नीरज कुमार को गबन के मामले में रुपए देरी से खाते में जमा कराने पर ब्याय की एवज में 38 हजार रुपए जमा कराने का नोटिस भेजा है। एक महीने पहले साहिबाबाद मंडी झंडापुर के पास डेयरी कारोबारी नानक चंद से चेकिंग के नाम टीजी-2 नीरज कुमार ने एसडीओ बनकर और संविदा कर्मचारी ललित कुमार जेई बनकर और साथ लाइनमेन राजेश कुमार ने 1 लाख 53 हजार रुपए भी वसूल लिए थे। जब उपभोक्ता ने टीजी-2 नीरज कुमार की शिकायत एक्सईएन से की तो एक्सईएन ने जांच अधिकारी शालीमार एसडीओं को सौंप दी। जिसकी जांच अभी लंबित है।