गाजियाबाद। मसूरी क्षेत्र अंतर्गत डासना के पास एनएच-9 पर हुए हादसे में आखिर ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहे ट्रैफिक पुलिस के जाबांज सिपाही ने अपनी जान की बगैर परवाह किए महिला और पुरूषों को सकुशल बचा लिया। लेकिन इस हादसे में सिपाही खुद घायल हो गया। पुलिस पर हमेशा अन्य प्रकार के आरोप लगते रहते है, लेकिन बहुत मामलों में अपनी जान पर खेलकर जान बचाने से भी नहीं चूकते है। ऐसा ही एक बड़ा हादसा सिपाही की मुस्तैदी से टल गया। डीआईजी/एसएसपी अमित पाठक ने सिपाही अरूण कुमार की बहादुरी एवं कर्तव्यपरायणता की प्रशंसा करते हुए उनके उत्साह वर्धन के लिए प्रशस्ति पत्र और 10 हजार रुपए का नकद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है। एनएच-9 स्थित डासना ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के पास रात करीब 10 बजे कार को एक-दूसरे से आगे निकलने के चक्कर में दो कारें डिवाइडर से टकराकर पलट गईं। इस दौरान सीएनजी लगी वैगनआर में आग लग गई। इसके बाद उसमें सवार 2 पुरूष एवं महिला में चीख-पुकार मच गई। लोगों के साथ आग लगी कार से सिपाही अरूण कुमार ने तत्परता दिखाते हुए अपने ड्यूटी प्वाइंट से 200 मीटर दूर घटना स्थल पर पहुंचकर कार सवार दोनों पुरूष एवं महिला को कार से निकाला।
आग में मामूली रूप से झुलसने पर उपचार के लिए शिवालिक अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद उन्हें यशोदा अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। घायलों की पहचान जाकिर, रोबी, भूरे और नितिन के रूप में हुई है। वहीं, घायलों को कार से निकालने के दौरान ट्रैफिक पुलिस के सिपाही अरूण कुमार के दोनों हाथ, दोनों पैर भी झुलस गए। ग्रेटर नोएडा से चार लोग वैगनआर कार में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से होते हुए गाजियाबाद आ रहे थे। रात करीब 10 बजे डासना में एनएच-9 पर उतरकर वैगनआर कार गाजियाबाद की तरफ जा रही थी। इसी दौरान एक वर्ना कार और वैगनआर कार के चालक में आगे निकलने की होड़ लग गई। जिससे अनियंत्रित होकर दोनों कार सुंदरदीप कॉलेज के सामने एनएच-9 पर पलट गईं। सीएनजी लगी वैगनआर कार में आग लग गई। वैगनआर कार में सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों व राहगीरों ने हिम्मत दिखाते हुए कार सवारों को बाहर निकाला। गनीमत रही कि कार के आग का गोला बनने से पहले लोगों ने सभी को बाहर निकाल लिया। दोनों कारों के पलट जाने और एक कार के धू-धू कर जलने से लेन पर यातायात बाधित हो गया।
















