उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। वर्तमान में लड़ाई पब्लिक और कोरोना के बीच है। अब कोरोना खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आलम यह है कि अस्पतालों में बिस्तरों की कमी होती जा रही है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि कोरोना देश में किस खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका है। कोरोना से असल जंग तो अब है और अब यह लड़ाई पब्लिक और कोरोना के बीच है जिसमें हर हाल में लोगों को इसे हराने के लिए एकजुट होकर नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। उक्त बातें यशोदा अस्पताल कौशांबी के एमडी डॉ.पीएन अरोड़ा ने कहीं।
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उन्होने कहा जागरूक होना पड़ेगा, ताकि हम अपनों को न खोएं। डॉ.पीएन अरोड़ा ने कहा कि तेजी से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं जिसकी वजह से अस्पतालों में बिस्तरों की कमी पडऩे लगी है। अफसोस की बात यह है कि गुडग़ांव, पीजीआई तक से मरीज अब गाजियाबाद के अस्पतालों की ओर रूख कर रहे हैं। लेकिन यहां भी बढ़ती मरीजों की संख्या की वजह से हालात दिन प्रतिदिन गंभीर होते जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को अब अधिक समझदारी दिखाने की जरूरत है क्योंकि सरकार अपना काम कर रही है।
देश में जब एक हजार मरीज थे, तब लॉकडाउन लगाया गया था लेकिन अब प्रतिदिन एक लाख मरीज आ रहे हैं और सभी गतिविधियां भी संचालित हैं। ऑर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए काम भी करना जरूरी है। ऐसे में कार्यों के बीच कोरोना से बचाव करना भी बेहद जरूरी हो गया है। सही मायनों में लड़ाई अब जनता और कोरोना के बीच है जिसमें जनता को कोरोना को हराना है। कहीं ऐसे हालात न हो जाएं जिससे हम अपनों का ही इलाज कराने में बेबस हो जाएं क्योंकि जिस तरह से मरीजों की बढ़ती संख्या से अस्पतालों में बिस्तरों की कमी हो रही है, उससे ऐसे हालात न पैदा हों जब हमें अपनों को ही अस्पताल में भर्ती कराने के लिए भटकना पड़े। चार सौ से अधिक डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, सांसद, मंत्री, विधायक, पत्रकार सहित विभिन्न लोग कोरोना की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं।
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प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोगों की मौत कोरोना के कारण हो रही है। आदमी से आदमी में कोरोना का संक्रमण फैल रहा है तो ऐसे में और भी अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। कहीं ऐसा न हो जाए कि हमारी जरा सी लापरवाही स्थिति को और भी भयावह बना दे और देश में लॉयन ऑर्डर की स्थिति उत्पन्न कर दे। डॉ.अरोड़ा ने कहा कि हमें संक्रमण के साथ काम भी करना है तो ऐसे में तीनों चीज़ों का सख्ती से पालन करें। मास्क पहनना, हर घंटे हैंडवॉश करना, सोशल डिस्टेंस का पालन करना।
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उन्होंने जनता से अपील की है कि दवाओं से अधिक अगर इन तीनों नियमों का सख्ती से पालन किया जाए तो संक्रमण की चपेट में आने से बचा जा सकता है। देश में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अब सरकार पर निर्भर रहने के बजाए खुद ही इन तीन नियमों का सख्ती से पालन किया जाए तो स्थिति कुछ बेहतर हो सकती है। सावधानी ही संक्रमण से बचा सकती है और जरा सी लापरवाही जान ले सकती है।
















