चेयरमैन के घर गोकशी पर घिरी खाकी वर्दी

-विवाद के बाद 2 दरोगा व 6 सिपाही लाइन हाजिर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर में नगर पालिका चेयरमैन अब्दुल मन्नान के घर पर प्रतिबंधित पशुओं का वध होने का प्रकरण पुलिस के गले की फांस बन गया है। यह मामला प्रकाश में आने के बाद पुलिस कार्यप्रणाली सवालों में घिरी है। पुलिस अधीक्षक ने शनिवार को 2 दरोगा और 6 सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया। इससे विभाग में एकाएक हड़कंप मच गया। किरतपुर नगर पालिका चेयरमैन अब्दुल मन्नान के घर में प्रतिबंधित पशुओं का वध किए जाने का खुलासा हुआ था। इसके बाद से चेयरमैन अब्दुल मन्नान फरार है। मन्नान को समाजवादी पार्टी का करीबी बताया गया है। इस मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने शनिवार को लापरवाह पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की। कितरपुर कस्बा चौकी प्रभारी नरेश पाल, दरोगा इरशाद अली, सिपाही संदीप, प्रवेश, योगेश, अमित और पंकज को अवैध कारोबार की जानकारी होने और कार्रवाई में दिलचस्पी न दिखाने पर लाइन हाजिर कर दिया। शुक्रवार की दोपहर थाना किरतपुर, नांगल और नजीबाबाद थानों की पुलिस ने संयुक्त रूप से चेयरमैन अब्दुल मन्नान के मकान पर छापा मारा था। पुलिस ने दावा किया था कि चेयरमैन के मकान से गोवंश के काफी अवशेष मिले थे। गोकशी में इस्तेमाल औजार के साथ गोकशी के लिए लाए गए 12 जीवित पशु मिले थे। पुलिस ने मौके से आरोपी हारून, तारिक, ताजिर, तालिब, आमिर और शानू को गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना है कि चेयरमैन किरतपुर अब्दुल मन्नान और 3 अन्य आरोपी की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। इस प्रकरण की जांच सीओ को सौंपी गई है। आस-पास के नागरिकों ने आरोप लगाया था कि पुलिस की शह पर चेयरमैन इस अनैतिक कार्य को अंजाम दे रहे थे।