गाजियाबाद। हरियाली तीज मुख्य रूप से महिलाओं का त्योहार है। इस समय जब प्रकृति चारों तरफ हरियाली की चादर सी बिछा देती है तो प्रकृति की इस छटा को देखकर मन पुलकित होकर नाच उठता है। जगह-जगह झूले लगाए जाते है। स्त्रियों के समूह गीत गाकर झूला झूलते हैं। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को श्रावणी तीज मना जाता है।
रोटरी क्लब मिडटाउन गाजियाबाद की महिलाओं ने तीज उत्सव धूमधाम से मनाया। महिलाओं ने पारंपरिक वेषभूषा में नृत्य प्रस्तुत किया। तीज उत्सव में झूला विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। 
लोकसंस्कृति का प्रतीक हरियाली तीज पर महिलाओं और युवतियों ने समूह में एकत्रित होकर लोक संस्कृति को प्रदर्शित करते हुए लोक नृत्य किया और हरियाली तीज के लोकगीत गाए। ..झूलन जांगी हे मां मेरी बाग मै री, ..आए रही कोए संग सहेली चार, ..चौगरदे तै बाग हरया सामण मै, ..घनघोर घटा सामण की, ..बामन गज का घाघरा झूम उठी कलिया न्यारी-न्यारी,-जैसे लोकगीत गाए। कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। उपस्थित लोगों ने कार्यक्रमों की खूब सराहना की। बेहतर कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र दिए गए। इस मौके पर अल्का अग्रवाल, पूनम अग्रवाल, रीना गर्ग, स्वर्णा मित्तल, आकृति गुप्ता आदि मौजूद रहीं।
















