जनपद में ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध : डीएम

वायु प्रदूषण की चिंताजनक स्थिति, प्रशासन सतर्क

गाजियाबाद। जनपद में बढ़ता वायु प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। खराब आवोहवा के कारण जिले में ग्रीन पटाखे छोड़ने की भी इजाजत नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा पूर्व में जारी निर्देश के तहत जिन शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब और बेहद खराब श्रेणी में होगा, वहां पटाखों की बिक्री तथा प्रयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। जहां वायु गुणवत्ता मोडरेट व उससे बेहतर श्रेणी में पाई जाएगी, वहां पर सिर्फ 2 घंटे ग्रीन पटाखों का उपयोग करने की अनुमति दी गई है।

वायु प्रदूषण की दृष्टि से गाजियाबाद की स्थिति चिंताजनक बनी है। नतीजन जनपद की हवा भी बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की जा रही है। इसके चलते ग्रीन पटाखे चलाने पर रोक लगा दी गई है। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह का कहना है कि वायु प्रदूषण ज्यादा होने की वजह से दीपावली पर्व पर ग्रीन पटाखे छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। जिले में प्रदूषण की वजह सड़कों पर पानी का छिड़काव न होने से उडऩे वाली धूल, वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था न होने से रोजाना सड़कों पर लगने वाला जाम और कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था न होने से चोरी-छिपे जलाए जाने वाला कूड़ा है। इसे रोकने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन, नगर निगम और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की है।

एसडीएम सदर विनय कुमार सिंह ने बताया कि दो दिन पहले खुले में निर्माण सामग्री डालने वाले बिल्डरों सहित 11 लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका हैं। चेेतावनी दी कि जो भी लोग लापरवाही करेंगे, उन पर सख्त कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कहा कि वायु गुणवत्ता सूचकांक अगर मोडरेट या उससे बेहतर श्रेणी में होगा तो ही दो घंटे ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति दी जाएगी। इस संबंध में पहले से ही सुप्रीमकोर्ट और एनजीटी ने आदेश दिए हैं। इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित होगा। लोगों से अपील है कि वे दीपावली पर पटाखे न चलाएं।