पत्रकारों से बातचीत में तरूण मिश्र ने कहा कि मैं ही नहीं पूरा देश इस फैसले से खुश है। आज के दिन ऐतिहासिक फैसला आया है। आज के फैसले ने राम भक्तों पर लगाए गए सभी झूठे आरोपों के दाग को धो दिया है। इस फैसले ने देश और पूरे विश्व में फैले राम भक्तों में उत्साह का सृजन किया है। शुरू से ही मैं इस बात को जानता था, यह एक झूठा मुकदमा है। राम भक्त के खिलाफ तरह-तरह के हथकंडे अपना कर उन्हें बदनाम किया गया। उन सबका का आज अंत हुआ है। भव्य राम लला मंदिर का भूमि पूजन हो चुका है। अब पूरे विश्व में फैले राम भक्त मंदिर निर्माण में अपना योगदान देंगे।
ज्ञात हो कि अयोध्या में छह दिसंबर 1992 को जब कार सेवको द्वारा विवादित ढांचा को ध्वस्त किया गया था उस समय तरुण मिश्र राम मंदिर आंदोलन के एक सिपाही के रूप में अयोध्या में ही मौजूद थे। भाजपा कार्यकर्ता तरुण मिश्र को उस समय पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ मुरली मनोहर जोशी के सहायक की जिम्मेदारी सौंपी थी। विवादित ढांचा विध्वंस केस में सीबीआई ने डॉक्टर जोशी, भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, उमा भारती, विनय कटियार, विश्व हिंदू परिषद के अशोक सिंघल सहित कई लोगों को आरोपी बनाया था। आज सभी को सीबीआई कोर्ट ने दोष मुक्त घोषित किया।
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महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री तरूण मिश्र ने कहा कि आज के ऐतिहासिक फैसले से सारी बांधाए दूर हो गई है। जिस दिन के बारे में आज यह जजमेंट आया है, उस घटना क्रम का मैं खुद साक्षी रहा हूॅ। सत्य परेशान हो सकता है।
















