त्वरित न्याय को जमीन पर उतारने के लिए ग्राम न्यायालय का शुभारंभ

राहुल सिंह
उदयभूमि ब्यूरो।
धौलाना।
पुरानी तहसील परिसर में जिला न्यायाधीश सुशील कुमार रस्तोगी ने ग्राम न्यायालय का शुभारंभ कर फीता काटकर किया। ग्राम न्यायालय के पहले न्यायधीश विजय चौधरी ने बुके भेंट कर जनपद न्यायाधीश का स्वागत किया। बार एसोसिएशन धौलाना द्वारा आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय अधिवक्ताओं ने जनपद न्यायाधीश का फूल मालाओं से स्वागत कर उनका यहां पहुंचने पर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में अधिवक्ताओं को सम्बोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश ने कहा कि त्वरित न्याय को जमीन पर उतारने के लिए धौलाना में ग्राम न्यायालय की शुरुआत की गई है। इससे जनता को सीधा लाभ मिलेगा।

दो साल तक की सजा वाले मुकदमों की सुनवाई का अधिकार इस न्यायालय को रहेगा। ग्राम न्यायालय खुलने से जहां एक ओर ग्रामीणों को सहूलियत मिलेगी वहीं वादों के निपटारे में भी जल्दी होने के आसार बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के वादकारियों अब तक अनावश्यक खर्चे व भाड़ा-किराया लगाकर हापुड़ शहर का रुख करना पड़ता था। वहीं अब उनके मुकदमों की फाइल ट्रांसफर होकर धौलाना तहसील स्थित ग्राम न्यायालय में सुनी जाएगी। कम खर्चे में ही ग्रामीण मुकदमों की पैरवी आसानी से कर सकेंगे।मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्वाति सिंह, ने कहा सरकार का प्रथम उद्देश्य है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सबसे नजदीक उसे न्याय मिले। इस दौरानअपर जनपद न्यायाधीश सी पी सिंह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्वाति सिंह, शासन अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनोज कुमार, क्षेत्राधिकारी पिलखुवा डॉ तेजवीर सिंह, थाना प्रभारी निरीक्षक राजपाल सिंह तोमर ,बार एसोसिएशन धौलाना अध्यक्ष मनोज तोमर, अधिवक्ता बार एसोसिएशन सचिव संजीव सागर, एडीजीसी धौलाना ओमपाल सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी सिसौदिया, पूर्व अध्यक्ष सुनील सिसौदिया, पूर्व उपाध्यक्ष गजेन्द्र पाल सिंह,सुरेंद्र तोमर,अंसार चौधरी योगेश कोशिश, विक्रम सिंह, सुरेंद्र शर्मा, नितेश तोमर सौरभ,राम किशन सिसोदिया, रणदीप राघव ,राजीव तोमर ,नितिन सिसोदिया, राम प्रकाश राणा ,अतुल गहलोत आदि उपस्थित रहे।

धौलाना तहसील क्षेत्र में ग्राम न्यायालय स्थापना को लेकर चल रहे प्रयास को गति मिलेगी। वादकारियों को उनके घर के आसपास न्याय मिल सकेगा । एस डी एम धौलाना अरविंद कुमार द्विवेदी ने बताया कि बीस हजार रुपये से कम की चोरी का मामला हो या फिर बांट मांप से जुड़े मामले, जिनके निस्तारण के लिए क्षेत्रवासियों को दीवानी न्यायालय भागना पड़ता था, ग्राम न्यायालय की स्थापना होने पर वाद यहां पर निस्तारित होंगे। ग्राम न्यायालय के माध्यम से लंबित पड़े मुकदमे बगैर तारीख के शीघ्र से शीघ्र निस्तारित कराए जाएंगे। जिसे समय व धन की बचत होगी औरवादकारियों को उनके घर के आसपास न्याय मिल सकेगा।
अरविंद कुमार द्विवेदी,एसडीएम धौलाना

ग्राम न्यायालय की स्थापना ग्रामीण जनता के हक में क्रांतिकारी कदम साबित होगा। दीवानी और फौजदारी मुकदमों का निपटारा जल्द होने से वादकारी को राहत मिलेगी। जिला अदालतों में लंबित पड़े मुकदमों की संख्या और निचली अदालतों की व्यवस्था में कोई फुर्ती न होने से मुकदमों का देरी से निपटारा होता है जिससे देर से मिलने वाले न्याय की सार्थकता नही दिखती।
मनोज तोमर, अध्यक्ष,बार एसोसिएशन धौलाना ।

इस प्रकृति के वाद होंगे निस्तारित
-20000 रुपये से कम की चोरी।
-20000 रुपये से कम की संपत्ति के विवाद।
-जुए एवं सट्टा संबंधी मामले।
-शराब से जुड़े मामले। (अगर धारा 420 न जुड़ी हो)
-महिलाओं एवं बच्चों के भरण पोषण से जुड़े मामले।
-दुर्घटना से जुड़े हुए मामले।