माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कक्षा 9 और 11 में एडमिशन की बढ़ाई डेट

अब 31 अक्टूबर तक होंगे कक्षा 9 एवं 11 में एडमिशन

कॉलेज प्रबंधको ने बोर्ड फैसले का किया स्वागत

उदय भूमि ब्यूरो
पिलखुवा।
कोविड 19 के प्रभाव के कारण अब तक कक्षा 9 तथा कक्षा 11 में प्रवेश न ले सकने वाले छात्रों को माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज ने एक सुनहरा मौका दिया है। अब तक प्रवेश ले पाने से वंचित छात्र अब 31 अक्टूबर तक अपने रजिस्ट्रेशन/ प्रवेश की प्रक्रिया को पूरा करा सकेंगे। विदित हो कि अब से पहले 21 सितंबर तक एडमिशनकी लास्ट डेट थी। 21 सितंबर के बाद समस्त उत्तर प्रदेश के कॉलेज में छात्र में प्रवेश के लिए भटक रहे थे। लेकिन माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा 21 सितंबर लास्ट डेट की वजह से छात्र प्रवेश नहीं ले पाए। 16 अक्टूबर को बोर्ड सचिव दिव्यकान्त शुक्ल द्वारा यह डेट अब 31 अक्टूबर कर दी गई है। डेट बढ़ाए जाने से हजारों की संख्या में छात्रों को प्रवेश का मौका मिलेगा तथा उनका यह साल बर्बाद होने से बच जाएगा। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने उदय भूमि को जानकारी में बताया कि कक्षा नौ तथा ग्यारह में प्रवेश कराने,रजिस्ट्रेशन कराने के लिए अब अंतिम तिथि 31 अक्टूबर बढ़ा दी गई है। कॉलेजों के लिए इन नए छात्रों की रजिस्ट्रेशन फीस बोर्ड कार्यालय को चालान के माध्यम से जमा करने तथा ब्यौरा अपलोड करने की तिथि 15 नवंबर होगी। समस्त प्रदेश के कॉलेज को जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से 31 अक्टूबर तक प्रवेश करने के निर्देश दे दिए गए हैं। नगर के वित्तविहीन श्रेणी के विद्यालय के एम एस पब्लिक इंटर कॉलेज के डायरेक्टर लोकेश भारद्वाज ने बोर्ड के निर्णय की सराहना करते हुए कहा किअब वंचित छात्र भी शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़ जाएंगे अन्यथा इनका 1 वर्ष बर्बाद होने के आसार बन गए थे। वित्तविहीन श्रेणी के प्रेमवती देवी मारवाड़ कन्या इंटर कॉलेज तथा सवित्त श्रेणी के मारवाड़ इंटर कॉलेज के प्रबंधक राजीव कंसल ने कहा कि अब कोरोना अथवा अन्य किसी कारण से दाखिला लेने में वंचित छात्रों को शिक्षा का अवसर मिलेगा तथा कोरोना की वजह से जिन कॉलेजों में सीटें रिक्त रह गई थी वह भी संपूर्ण रूप से भर जाएंगी। सर्वोदय इंटर कॉलेज के प्रबंधक संजीव शर्मा ने भी बोर्ड के फैसले का स्वागत किया है। संजीव शर्मा ने कहा गांव देहात तथा शहरी सभी क्षेत्र के छात्र एवं छात्राओं के लिए यह एक सुनहरा मौका साबित होगा। इससे बोर्ड की छात्र संख्या में भी इजाफा हो जाएगा। जब प्रदेश के छात्र शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़ेंगे तो निश्चित रूप से प्रदेश साक्षरता की ओर कदम बढ़ाएगा।