– लापरवाह अधिकारियों के कसे पेंच, टैक्स वसूली का लक्ष्य हासिल नहीं करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। नगर निगम को देनदारियों के दबाव से मुक्त बनाने के लिए आमदनी बढ़ाने की नीति पर तेजी से काम चल रहा है। पहली बार गाजियाबाद नगर निगम की टैक्स वसूली 200 करोड़ के पार पहुंचने की संभावना है। नगर आयुक्त डॉ. नितिन गौड़ ने टैक्स वसूली की कमान अपने हाथों में ले ली है। वह प्रतिदिन टैक्स वसूली की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और लापरवाह किस्म के अधिकारियों के पेंच कस रहे हैं। जानकारी के मुताबिक अब तक 160 करोड़ रुपये की टैक्स वसूली हो चुकी है और 31 मार्च तक लगभग 230 करोड़ रुपये की टैक्स वसूली का लक्ष्य रखा गया है। तीन दिन पूर्व टैक्स वसूली की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त ने सभी पांचों जोन के वसूली की समीक्षा की। टैक्स वसूली में फिसड्डी साबित होने पर वसुंधरा जोन, सिटी जोन और विजय नगर जोन के जोनल प्रभारी को लताड़ लगाई। वसुंधरा जोन के खराब रिकार्ड को देखते हुए नगर आयुक्त ने जोनल प्रभारी विवेक त्रिपाठी को चेतावनी पत्र जारी किया। नगर आयुक्त ने चेतावनी पत्र में कहा है कि यदि टैक्स वसूली के निर्धारित लक्ष्य को नहीं हासिल किया गया तो जोनल प्रभारी को उत्तरदायी मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
गाजियाबाद नगर निगम पर पूर्व में कराये गये विकास कार्यों के मद में वर्तमान में लगभग 300 करोड़ रुपये की देनदारी है। डॉ. नितिन गौड़ ने जब गाजियाबाद के नगर आयुक्त का चार्ज संभाला उस समय यह देनदारी 350 करोड़ रुपये से अधिक थी। विकास कार्यों पर बिना कोई ब्रेक लगाये सिर्फ फिजूलखर्ची रोककर और आमदनी बढ़ाकर डॉ. नितिन गौड़ ने विगत 5 महीने के दौरान देनदारी को लगभग 50 करोड़ कम किया है। वित्तीय वर्ष के अंत तक नगर निगम की देनदारियों को 200 करोड़ के आस-पास लाने के लक्ष्य को केंद्रित करते हुए नगर आयुक्त द्वारा टैक्स वसूली पर जोर दिया जा रहा है। दिशाहीन हो चुके नगर निगम के वित्तीय प्रबंधन को नगर आयुक्त पुन: पटरी पर लाने में नगर आयुक्त सफल होते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में कामचोर और लापरवाह किस्म के अधिकारियों की कारगुजारी मेहनत पर पानी ना फेर दे इसलिए नगर आयुक्त ने कड़ा रूख अख्तियार किया है।
निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष में वसुन्धरा जोन की वसुली 68 प्रतिशत, मोहननगर जोन की 71 प्रतिशत, कविनगर जोन की 82 प्रतिशत, सिटी जोन की 63 प्रतिशत तथा विजयनगर जोन की 52 प्रतिशत है। विजयनगर जोन, सिटी जोन व वसुन्धरा जोन की वसूली सन्तोषजनक न होने के कारण संबंधित जोनल प्रभारी को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत वसूली कराये जाने के कड़े निर्देश दिये गये। वसुंधरा जोन में टैक्स वसूली की संभावनाएं सबसे अधिक है। टैक्स वसूली के निर्धारित लक्ष्य से वसुंधरा जोन लगभग 30 करोड़ पीछे है। 31 मार्च तक वसुंधरा जोन को लगभग 95 करोड़, मोहन नगर जोन को 33 करोड़, कविनगर जोन को 38 करोड़, सिटी जोन को 45 करोड़ और विजय नगर जोन को 17 करोड़ रुपये टैक्स वसूली का लक्ष्य दिया गया है।
मोहन नगर जोन निर्धारित लक्ष्य से 10 करोड़, कविनगर जोन 7 करोड़, सिटी जोन 17 करोड़ और विजय नगर जोन 8 करोड़ पीछे है। नगर आयुक्त डॉ. नितिन गौड़ ने कहा कि देनदारियों को कम करने के लिए जरूरी है कि टैक्स वसूली के माध्यम से नगर निगम की आमदनी को बढ़ाया जाये। नगर निगम द्वारा चालू वित्तीय वर्ष में लगभग 230 करोड़ रुपये के टैक्स वसूली का लक्ष्य रखा गया है। टैक्स वसूली में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी गई है और हर हाल में निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
















