– दिव्यांग सेवा में लगे 6 विशिष्ट लोगों को किया सम्मानित
-विशेष स्मारिका दिव्यांग दृष्टि का हुआ विमोचन
-मोदी और योगी सरकार दिव्यांगजन के लिए कम कर रही दिव्यांगता का आंकड़ा: नरेंद्र कश्यप
गाजियाबाद। भागीरथ सेवा संस्थान द्वारा संचालित कैमकुस कॉलेज ऑफ़ स्पेशल एजुकेशन एंड रिसर्च द्वारा दिव्यांगजन के विधिक अधिकार विषय पर शुक्रवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला /सीआरई प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन हापुड़ रोड स्थित राष्ट्रीय जैविक खेती प्रयोगशाला स्थित सभागार में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। विशिष्ट अतिथि के रूप में यू. के. शुक्ला, अधिवक्ता एवं पूर्व सलाहकार, राष्ट्रीय न्यास, भारत सरकार और सुधीर त्यागी, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सी. एम. तिवारी, मुख्य अभियंता, केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग ने की। सीआरई प्रोग्राम में विषय पर चर्चा होने के साथ ही मंत्री नरेंद्र कश्यप द्वारा दिव्यांगों के द्वारा दिव्यांगों के लिए बनाई गयी ई-ट्राई साइकिल के नवनिर्मित ब्रांड ट्राइक का अनावरण कर उद्घाटन किया।

भागीरथ सेवा संस्थान के सहयोग से ये ई ट्राई साइकिल इंजीनियर राणा रोशन सिंह द्वारा डिजाइन की गई है, जिसका निर्माण दिव्यांगजन द्वारा किया गया है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री नरेंद्र कश्यप ने दिव्यांगजन के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्हें कार्यक्रम में मौजूद रिहैब एक्सपोर्ट्स, स्पेशल एजुकेटर, टीचर्स, स्टूडेंट और उनके पेरेंट्स का आह्वान करते हुए दिव्यांग जनों के अधिकार पर अधिक से अधिक जागरूकता फैलाने को कहा। उन्होंने कहा कि अन्य विकसित देशों में जहां दिव्यांगता 30 से 32 फीसदी तक पहुंच गई है वहीं भारत में मात्र 2.5 फीसदी आबादी ही दिव्यांग है। जिस तरह से मोदी और योगी सरकार दिव्यांगजन के लिए कम कर रही है दिव्यांगता का आंकड़ा और कम हो जाएगा। भागीरथ सेवा संस्थान के निदेशक अमिताभ सुकुल ने मंत्री नरेंद्र कश्यप से वार्ता के दौरान सरकार के सहयोग से कम खर्च पर भारी मात्रा में ए ट्राई साइकिल दिव्यांग जनों के हित के लिए बनाने की इच्छा जताई। मंत्री नरेंद्र कश्यप ने भागीरथ सेवा संस्थान के इस प्रयास की सराहना की।

उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान कार्यशाला में आमंत्रित रिहैब प्रोफेशनल के द्वारा रखे जाने वाले पेपर पर आधारित विशेष स्मारिका दिव्यांग दृष्टि का विमोचन भी किया गया। दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए काम कर रहे आधा दर्जन रिहैब प्रोफेशनल, स्पेशल एजुकेटर और दिव्यांग मित्रों को सम्मानित भी किया गया। दिव्यांगजन की विशेष शिक्षा हेतु सुश्री गीता तिवारी, व्यावसायिक शिक्षा के लिए प्रयासरत सुश्री मृदुल सिंह, समग्र शिक्षा के लिए सुश्री सुमन राजपूत, विशेष शिक्षा एवं पुनर्वास के लिए डॉ राजीव नंदी एवं डॉक्टर वीपी साह, दिव्यांग-जन- सेवा हेतु मोहम्मद सलीम चिश्ती को मंत्री नरेंद्र कश्यप द्वारा मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया एवं संस्थान द्वारा उन्हें दिव्यांगजन की विशिष्ट सेवाओं के लिए सर्टिफिकेट भी दिया गया।

कार्यक्रम में मंत्री नरेंद्र कश्यप द्वारा पांच दिव्यांग बच्चों को टीचिंग लर्निंग मैटेरियल भी वितरित किए गए। भारतीय पुनर्वास परिषद, भारत सरकार द्वारा अनुमोदित दो दिवसीय राष्ट्रीय सतत पुनर्वास शिक्षा (सीआरई) कार्यक्रम दिव्यांगजन के विधिक अधिकार (नेशनल ट्रस्ट एक्ट-1999 एवं पीडब्ल्यूडी एक्ट-2016 के प्रावधानों के अनुसार) के तहत हुई पहले दिन की कार्यशाला में यूके शुक्ला, पूर्व सलाहकार राष्ट्रीय न्यास, माहेश्वरी चौधरी, कोर्स कोऑर्डिनेटर, नीतू त्यागी मनोवैज्ञानिक ने विषय पर अपना पेपर प्रस्तुत किया। विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम में देश के विभिन्न राज्यों से करीब 150 रिहैब एक्सपर्ट्स, स्पेशल एजुकेटर और ट्रेनर ने प्रतिभाग किया। इसके अतिरिक्त कुछ दिव्यांगजन एवं उनके अभिभावकों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
















