गन्ने लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने दिया धरना, 450 रुपए क्विंटल मूल्य की मांग

गाजियाबाद। प्रदेश सरकार द्वारा पेराई सत्र-2023-24 गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य अभी तक तय नहीं किए जाने को लेकर मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के पदाधिकारी व किसान कलेक्ट्रेट में गन्ने लेकर पहुंचे। विकास भवन के सामने पार्क में भाकियू अराजनैतिक के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी राजवीर सिंह के नेतृत्व में किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं प्रदेश सरकार से गन्ने का भाव 450 रुपए प्रति क्विंटल की जल्द घोषणा किए जाने की मांग की। धरना-प्रदर्शन करने के बाद किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित सिटी मजिस्ट्रेट शुभांगी शुक्ला को अपनी मांग संबंधित ज्ञापन सौंपा। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी राजवीर सिंह, जिलाध्यक्ष मनोज तेवतिया, मनोज त्यागी, हिमांशु चौधरी, उमेश शर्मा, पुनीत त्यागी, ओमपाल, सुभाष तेवतिया, अनिल त्यागी, रोहित,गौरी शंकर, अशोक कुमार, रोहित शर्मा, लोकेंद्र प्रधान, विनोद कुमार, पिंटो आदि किसान मौजूद रहे।

चौधरी राजवीर सिंह ने कहा कि मोदीनगर शुगर मिल को चालू हुए 75 दिन हो गए हैं। इसके अलावा अन्य शुगर मिलों पर किसान 150 से 300 करोड़ रुपए का गन्ना डाल चुके हैं। मगर प्रदेश सरकार ने गन्ने का मूल्य तय नहीं किया। क्रैशर और कोल्हू पर गन्ना 415 रुपए प्रति क्विंटल के रेट से खरीद रहे हैं।किसान अभी तक इस असमंजस में है कि गन्ने का कितना मूल्य मिलेगा। मुख्यमंत्री से 25 सितंबर को भाकियू अराजनैतिक का एक प्रतिनिधिमंडल मिला था। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया था कि शुगर मिल चालू होने से पहले गन्ने का मूल्य की घोषणा कर दी जाएगी। मगर प्रदेश सरकार गन्ने का मूल्य अभी तक घोषित नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि मोदीनगर शुगर मिल पर वर्ष-2018-19 के गन्ना पर लंबित भुगतान पर अर्जित ब्याज का बकाया करीब 21.65 करोड़ रुपए है। जबकि विगत पेराई सत्र-2022-23 का करीब 100 करोड़ और वर्तमान पेराई सत्र का करीब 125 करोड़ रुपए गन्ना भुगतान समेत करीब 250 करोड़ रुपए किसानों का बकाया हैं।

शुगर मिल प्रबंधक वर्तमान सत्र की चीनी से पूर्व का भुगतान किसानों का कर रहे है।यह एक आपराधिक मामला है,इसको लेकर एफआईआर दर्ज कराई जाए। वहीं,किसानों ने ब्लॉक मुरादनगर के गांव सौंदा में पशु अस्पताल में कोई डॉक्टर तैनात नहीं होने का आरोप लगाया। पशुओं को इलाज नहीं मिल रहा। पीडब्ल्यूडी द्वारा जनपद की सड़कों का निर्माण किए जाने के चलते गुणवत्ता खराब है। इसकी जिला प्रशासन से जांच कराकर कार्रवाई किए जाने की मांग की गई। किसानों ने चेतावनी दी कि प्रदेश सरकार ने जल्द गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया तो बड़े स्तर पर किसान आंदोलन शुरू करेंगे। किसानों ने कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन कर 450 रुपए प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य जल्द घोषित करने की मांग की गई।