-अर्थला, पटेल नगर, शास्त्री नगर के निवासी बोले सफल रहा निगम का प्रयास
-चिन्हित जलभराव के 56 हॉटस्पॉट स्थलों से भी एक से दो घंटे में कराया समस्या का समाधान
-चिन्हित जलभराव के 56 हॉटस्पॉट स्थलों से भी एक से दो घंटे में कराया समस्या का समाधान
गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में सबसे अधिक जलभराव वाली जगह माना जाने वाले क्षेत्र में इस बार लोगों को जलभराव की समस्या से परेशान नही होना पड़ा। जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर आयुक्त द्वारा तैयार की गई फुलप्रूफ प्लानिंग आखिरकार काम कर ही गई। पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष नालों की सफाई में नगर निगम की टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया। साथ ही सबसे अधिक जलभराव वाली जगह को पहले ही चिन्हित कर उस पर अतिरिक्त कार्य किया। जिसका परिणाम यह रहा कि इस बार कहीं भी जलभराव की शिकायतें नहीं मिली। जलभराव की समस्या से निपटने के लिए एक तरफ जहां नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी धरातल पर पूरी तरह से मुस्तैद नजर आए तो वहीं बीच-बीच में नगर आयुक्त खुद भी बरसात के बीच जलभराव से निपटने के लिए तैयार की गई प्लानिंग का जायजा लेते हुए नजर आए। ऐसा कई क्षेत्र के निवासी है जो नगर निगम द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा कर रहे है। पटेल नगर सेकंड बी वार्ड संख्या 9, शास्त्री नगर वार्ड संख्या 47, अर्थला वार्ड संख्या 44 व अन्य स्थान जहां पर पिछले कई वर्षों से जल भराव की जटिल समस्या बनी रहती थी।
मगर इस बार मूसलाधार बारिश के दौरान भी घरों में पानी नहीं भरा और न ही जल भराव की स्थिति रही। नालों की सफाई में भी इस बार सुधार हुआ जिस कारण से भारी बारिश के दौरान भी जल का ठहराव कम रहा। जल नालों की माध्यम से प्रवाहित होता रहा, रुकावट नहीं रही। जिस कारण से जलभराव की समस्या अधिक समय तक के लिए नहीं बनी रही। कई प्रमुख स्थानों पर नालों और पुलियों के निर्माण भी कराए गए। जिससे जल भराव नहीं रहा। महाप्रबंधक जल केपी आनंद ने बताया जलभराव के लिए 56 स्थल चिन्हित किए गए थे। जिसमें गौशाला फाटक, अप्सरा बॉर्डर, एएलटी अंडरपास, नागद्वार में अन्य ऐसी डूब क्षेत्र जहां काफी समय के लिए जल भरा की समस्या बनी रहती थी। वहां पर अस्थाई व्यवस्था करते हुए पंप लगाया गया जो बरसात मौसम में वहां बने रहेंगे और उनके माध्यम से लगभग 1 से 2 घंटे के भीतर ही जल निकासी की गई।
अर्थला वार्ड संख्या 44 के निवासी दीपक राघव का कहना है कि इस बार अर्थला नाले के निर्माण के बाद जलभराव नहीं रहा। कावड़ महोत्सव भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जल भराव की समस्या से पिछले वर्ष काफी परेशानी हुई थी, लेकिन इस वर्ष जल भराव की समस्या नहीं रही।
पटेल नगर सेकंड के निवासी आरडब्ल्यूए के प्रेसिडेंट पंकज शर्मा ने बताया कि आरआरटीएस नाला निर्माण करने मे काफी मशक्कत की गई, नगर निगम के सहयोग से हुआ। जिसमें इस बार जलभराव की समस्या का समाधान हो सका और घरों के अंदर जल भराव नहीं रहा। मुख्य मार्ग पर जल प्रवाहित रहा, इसी प्रकार शास्त्री नगर व विजयनगर के कई क्षेत्रों से भी जलभराव की समस्या के समाधान पर अपना पक्ष रखा गया। जिसमें क्षेत्र के लोगों द्वारा नगर निगम द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा की गई।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक का कहना है कि मानसून के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम द्वारा पहले से ही तैयारी पूरी कर ली गई थी। जिसके लिए चिन्हिंत हॉट स्पॉट स्थलों पर होने वाले जलभराव को चिन्हित कर पंप सेट लगा दिया गया था। जिससे बरसात के दौरान जल प्रवाह होता रहे। डूब क्षेत्र में बरसात होने के दौरान निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग और जलकल विभाग को विशेष ध्यान देने के लिए निर्देश दिए गए हैं। जलभराव की स्थिति में जल निकासी के लिए उपकरणों के माध्यम से त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। नगर निगम मानसून में जलभराव की समस्या के समाधान को लेकर पूर्ण रूप से तैयार है। जिसकी कार्यवाही बारिश के दौरान भी देखी गई है। बरसात के दौरान निगम अधिकारी चिन्हित जलभराव हॉटस्पॉट पर बने, नगर आयुक्त द्वारा भी रात्रि में टीम के साथ निरीक्षण किया गया।
















