उद्यान विभाग ने प्रदूषण से निपटने के लिए पेड़-पौधों पर कराया पानी का छिड़काव

-सड़कों के साथ-साथ पेड़ पौधों का भी धूल मुक्त होना बहुत जरूरी: नगर आयुक्त

गाजियाबाद। लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए नगर निगम हर स्तर पर अपनी कार्रवाई को अंजाम देता दिखाई दे रहा है। प्रदूषण कम करने के लिए नगर निगम की ओर से ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने के लिए शहर में पेड़-पौधों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। बरसात न होने के कारण सड़क किनारे खड़े पेड़-पौधों पर धूल जम जाती है। धूल के कारण पौधे पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं छोड़ पाते। पानी से धूल साफ हो जाएगी, जिसके बाद पौधे पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन छोड़ सकेंगे। इसके लिए नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने नगर निगम सीमा अंतर्गत आने वाले मुख्य और आंतरिक मार्गों में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए अभियान के रूप में कार्य तेज कर दिया है।

वहीं उद्यान विभाग द्वारा भी विशेष कार्यवाही की जा रही है। जिसमें नियमित पांचो जोन के अंतर्गत सेंट्रल वर्ज, ग्रीन बेल्ट, चौराहों और पार्कों में लगे हुए पेड़ पौधों की सिंचाई के साथ-साथ पेड़ पौधों पर पानी का छिड़काव भी किया जा रहा है। जिससे आसपास के क्षेत्र में हरियाली बरकरार रहे और पौधों के सही रखरखाव के कार्य से पर्यावरण की शुद्धता में वृद्धि हो सकें। उद्यान प्रभारी डॉ अनुज कुमार सिंह ने बताया मुख्य मार्ग में लगे हुए सेंट्रल वर्ज पर प्रात: तथा सायं काल में पेड़ पौधों की सिंचाई के साथ-साथ पेड़ पौधों को धोने का कार्य भी कराया जा रहा है। उन पर लगी धूल को हटाया जा रहा है। वायु गुणवत्ता सुधार के लिए सड़कों के साथ-साथ नगर निगम पेड़ पौधों पर पानी का छिड़काव कर रहा है। पेड़ पौधों से धूल हटाकर उनको धूल मुक्त बनाया जा रहा है।

जिससे पर्यावरण में सुधार हो सकेंं। वसुंधरा, कवि नगर, विजय नगर, मोहन नगर और सिटी जोन अंतर्गत अभियान के रूप में पेड़ों को धूल मुक्त करने का कार्य तेजी से चल रहा है। उद्यान विभाग द्वारा नगर निगम सीमा अंतर्गत लगे हुए पेड़ पौधों के रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वायु गुणवत्ता सुधार के लिए मुख्य मार्गों के साथ-साथ आंतरिक मार्गों में भी लगे हुए पेड़ों पर पानी का छिड़काव होने से पर्यावरण में सुधार हो सकें। जन सहयोग भी निगम को मिल रहा है। जिसमें घरों में लगे हुए पेड़ पौधों की सिंचाई के साथ-साथ धुलाई का कार्य शहर निवासी खुद कर रहे है।