जलवायु परिवर्तन पर जागरूक होने की आवश्यकता: डॉ सुशील कुमार विमल

-जलवायु परिवर्तन समस्या एवं चुनौतियां विषय पर आयोजित परिचर्चा में हुआ मंथन

उदय भूमि
नई दिल्ली। जलवायु परिवर्तन में ऐसी शक्ति है, जो जन-जीवन को तहस-नहस भी कर सकती है, और संवार भी सकती है। आने वाला समय काफी भयावह और खतरनाक होंगे। हम सभी को वातावरण परिवर्तन को समझना होगा। अभी स्थिति विपरीत होती जा रही हैं। जहां वर्षा होती थी वहां सुखाड़ हो रहा है। जहां बाढ़ से लोग सहमें रहते थे। वहां पानी नहीं है। ग्रीन हाउस प्रभाव के कारण ओजोन परत को खतरा है। कार्बन की बढ़ती मात्रा से हमारा वातावरण प्रदूषित हो रहा है। एसी, फ्रिज, गाड़ी सुख सुविधा के बेहतर साधन तो हैं। लेकिन इसका बुरा असर हमारे वायुमंडल पर पड़ रहा है। यह बातें दिल्ली हेल्थ केयर कोआपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के तत्वावधान में रविवार को जय श्री शारदा कोऑपरेटिव टीसी सोसायटी लिमिटेड के सौजन्य से जलवायु परिवर्तन समस्यायें एवं चुनौतियां विषय पर आयोजित परिचर्चा का शुभारंभ करते हुए भारत सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय के डिप्टी कमिश्नर डॉ सुशील कुमार विमल ने कहीं।

उन्होंने कहा लगातार बढ़ते हुए तापमान एवं जलवायु परिवर्तन के कारण वनस्पतियों का अस्तित्व तो खतरे में है ही, जीवों के प्राकृतिक आश्रय स्थलों पर भी खतरा है। तापमान में बेतहाशा वृद्धि के कारण कई नदियां समय पूर्व सूख रहीं हैं। जलवायु परिवर्तन के प्रभावों और पर्यावरण संरक्षण के तरीकों के बारे में पूरी जानकारी का अभाव भी एक बड़ी चुनौती है। कई युवा आज भी पर्यावरण से जुड़े मुद्दों की गंभीरता को पूरी तरह से नहीं समझते। जलवायु परिवर्तन पिछले लंबे समय से दुनियाभर के लिए गंभीर मुद्दा बना हुआ है। जलवायु परिवर्तन समस्यायें एवं चुनौतियां विषय पर परिचर्चा का शुभारंभ भारत सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय के डिप्टी कमिश्नर डॉ सुशील कुमार विमल एवं डॉ संजय सिंह ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में पूर्व विज्ञान अध्यापक देवेन्द्र पाल सिंह दलाल द्वारा जलवायु परिवर्तन पर विस्तार से प्रकाश डाला।

आधुनिकता के इस दौर में मानव ने बड़े पैमाने पर पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधनों का अतिदोहन किया है एवं प्रकृति को क्षति पहुंचाई है। जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों और कुप्रभावों से बचने के लिए हमें क्या तैयारी करनी होगी और किस-किस तरह विकास के दिशा को हासिल करते हुए जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है, पर विस्तार से चर्चा की गई। परिचर्चा में मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डायरेक्टर डॉ ईश्वर सिंह, डॉ विजय पंचरत्न आस्ट्रेलिया, श्री पार्थ मोरे सीनियर ड्रग इंस्पेक्टर दिल्ली सरकार द्वारा संबोधित किया गया। दिल्ली हेल्थ केयर कोआपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित अभिनंदन समारोह में डॉ सुशील कुमार विमल, डॉ संजय सिंह, डॉ ईश्वर सिंह, डॉ विजय पंचरत्न, श्री पार्थ मोरे, निशुल्क नेत्र जांच शिविर में डॉ श्रॉफ चैरिटी आई हॉस्पिटल के प्रबंधक श्री रचित निगम, होम्योपैथी के डा रामसिंह पाराशर, आयुर्वेदाचार्य डॉ संजय कुमार, प्राकृतिक चिकित्सा के डॉ नीतू जैन को अभिनंदन पत्र भेंट किया और शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। जलवायु परिवर्तन पर जागरूकता पैदा करने के लिए इस अवसर पर जस्सको की ओर से एक बैग का अतिथियों द्वारा विमोचन किया।