-संविधान निर्माता के आदर्शों और भारतीय संस्कृति के रंगों से सराबोर हुआ विद्यालय परिसर
-सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में जीवंत हुआ अंबेडकर का संघर्ष और व्यक्तित्व
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। प्रताप विहार स्थित गौतम पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बुधवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाई गई। विद्यालय परिसर सुबह से ही देशभक्ति, सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक ऊर्जा से ओत-प्रोत दिखाई दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्या पूनम गौतम, उपप्रधानाचार्या तनुजा ने संयुक्त रुप से पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया, जिसके पश्चात विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालय परिवार ने महान समाज सुधारक डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धापूर्वक नमन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत के महान व्यक्तित्वों के जीवन मूल्यों से जोडऩा तथा सामाजिक समानता, शिक्षा और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूक बनाना रहा। विद्यालय प्रशासन द्वारा पूरे कार्यक्रम को शिक्षाप्रद और प्रेरणादायक स्वरूप प्रदान किया गया, जिससे छात्र-छात्राओं में सकारात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके। अंबेडकर जयंती के अवसर पर विद्यार्थियों ने विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया।
भाषण प्रतियोगिता, नाट्य मंचन एवं कविता पाठ के माध्यम से विद्यार्थियों ने डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्ष, शिक्षा के प्रति उनकी अटूट निष्ठा तथा भारतीय संविधान निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कुछ विद्यार्थियों ने डॉ. अंबेडकर का स्वरूप धारण कर उनके व्यक्तित्व को जीवंत रूप में मंच पर उतारा। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि शिक्षा ही सामाजिक परिवर्तन का सबसे शक्तिशाली माध्यम है। विद्यार्थियों ने समानता, न्याय और अधिकारों के महत्व को समझते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प भी व्यक्त किया। विद्यालय की प्रधानाचार्या पूनम गौतम ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष, अनुशासन और आत्मविश्वास का सर्वोत्तम उदाहरण है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाएं और जीवन में समानता, आत्मनिर्भरता एवं मानवता के मूल्यों को अपनाएं। इसी अवसर पर विद्यालय में बैसाखी पर्व भी पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया।
विद्यार्थी पारंपरिक पंजाबी वेशभूषा में विद्यालय पहुंचे, जिससे पूरा परिसर रंग-बिरंगी सांस्कृतिक छटा से भर उठा। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत भांगड़ा और गिद्धा जैसे लोकनृत्यों ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया और उपस्थित सभी लोगों ने तालियों के साथ विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। बैसाखी पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपप्रधानाचार्या तनुजा ने विद्यार्थियों को बताया कि यह त्यौहार फसल कटाई की खुशी का प्रतीक है और किसानों की मेहनत एवं समर्पण का सम्मान करता है। साथ ही सिख इतिहास में इस दिन खालसा पंथ की स्थापना का विशेष महत्व भी विद्यार्थियों को समझाया गया। इस जानकारी ने विद्यार्थियों को भारत की सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं की गहराई से परिचित कराया। पूरा कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, सांस्कृतिक और प्रेरणादायक अनुभव साबित हुआ। अंबेडकर जयंती के माध्यम से जहां विद्यार्थियों को संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक न्याय की शिक्षा मिली, वहीं बैसाखी उत्सव ने भारतीय संस्कृति की जीवंतता और उत्सवधर्मिता का अनुभव कराया।
शिक्षकों ने बताया कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि इससे उनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक समझ विकसित होती है। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी प्रतिभागियों की सराहना की गई। विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, अनुशासन और सक्रिय भागीदारी की प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया। इस प्रकार गौतम पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित यह संयुक्त कार्यक्रम केवल एक उत्सव भर नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों के लिए भारतीय लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक समानता और सांस्कृतिक विरासत से जुडऩे का एक सशक्त माध्यम बनकर यादगार साबित हुआ।

















