ध्यान संघ कार्यक्रम का आयोजन, ध्यान अभ्यास से तनाव में आती है कमी: कुसुम मनोज गोयल

गाजियाबाद। श्रीमद राजचंद्र मिशन केंद्र, दिल्ली द्वारा आयोजित किया जा रहे ध्यान एवं सत्संग के कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत सावित्री संजू एवं कमल किशोर के निवास वैशाली सेक्टर -1 पर ध्यान संघ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम परम श्रद्धेय श्री गुरु रत्ना प्रभु द्वारा निर्देशित है जिसमें ऑनस्क्रीन 20 मिनट के सत्संग और 40 मिनट की ध्यान साधना से यहां रहने वाले हर उम्र के बच्चे महिलाएं और पुरुषों को इसका लाभ मिल रहा है। यह कार्यक्रम अप्रैल 2022 से महीने में प्रारंभ हुआ था तथा तब से ही महीने में एक बार इसका आयोजन किया जाता है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत वैशाली वार्ड 72 की निगम पार्षद कुसुम गोयल ने रविवार सुबह अनेक साधकों के साथ इस कार्यक्रम में सम्मिलित होकर सत्संग एवं ध्यान साधना का लाभ लिया।

कुसुम गोयल के अनुसार मेडिटेशन से तनाव दूर होता है, भीतर में शांति का अनुभव होता है और बच्चों में बुद्धि बल बढ़ता है। ध्यान एक प्रकार की मन-शरीर पूरक चिकित्सा है। ध्यान आपको गहराई से आराम करने और अपने मन को शांत करने में मदद कर सकता है। ध्यान के दौरान आप एक चीज़ पर ध्यान केंद्रित करते हैं। आप उन विचारों की धारा से छुटकारा पा लेते हैं जो आपके दिमाग में घूम रहे हैं और तनाव पैदा कर रहे हैं। इस प्रक्रिया से बेहतर शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य प्राप्त हो सकता है। ध्यान आपको शांति, सुकून और संतुलन का एहसास दे सकता है जो आपके भावनात्मक स्वास्थ्य और आपके समग्र स्वास्थ्य को लाभ पहुंचा सकता है। आप इसका उपयोग आराम करने और तनाव से निपटने के लिए भी कर सकते हैं, इसके लिए आप किसी ऐसी चीज़ पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं जो आपको शांत करती है।