• ई-लॉटरी से पारदर्शिता और राजस्व में होगी बढ़ोतरी: सुबोध कुमार श्रीवास्तव
• गौतमबुद्ध नगर में आबकारी विभाग की सख्ती से अवैध शराब माफियाओं में हड़कंप
• ई-लॉटरी से आवेदन प्रक्रिया हुई आसान, पारदर्शिता में बढ़ोतरी
• अवैध शराब कारोबार पर सख्ती, नियमित छापेमारी जारी
• ई-लॉटरी प्रक्रिया से जिले को अधिक राजस्व मिलने की उम्मीद
• नई नीति के तहत, आवेदकों की संख्या बढ़ाने के लिए अपनाई विशेष रणनीति
• अधिक दुकानों के आवंटन से सरकार के खजाने में वृद्धि होगी
उदय भूमि
गौतमबुद्ध नगर। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव अपनी कुशल रणनीति और निपुणता से न केवल सरकार के राजस्व में वृद्धि कर रहे हैं, बल्कि अवैध शराब के कारोबार पर भी पूरी तरह से शिकंजा कसने में सफल हो रहे हैं। नई आबकारी नीति के तहत शराब की दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया को ई-लॉटरी प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी बनाया गया है। सुबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में जिले में अधिक से अधिक आवेदन सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इससे सरकार को अधिक राजस्व प्राप्त होगा और शराब की बिक्री नियंत्रित एवं कानूनी दायरे में रहेगी। सुबोध कुमार श्रीवास्तव की अगुवाई में जिले में अवैध शराब के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। हाल ही में आबकारी विभाग की टीम ने कई जगहों पर छापेमारी कर कई शराब तस्करों को गिरफ्तार कर अवैध शराब बरामद किया है। कई कारोबारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की गई है। गौतमबुद्ध नगर में आबकारी विभाग का यह कदम सरकार की आय बढ़ाने के साथ-साथ अवैध शराब माफियाओं पर भी करारा प्रहार कर रहा है। इससे जिले में कानूनी रूप से शराब कारोबार को सुचारू रूप से संचालित करने में मदद मिलेगी। ई-लॉटरी प्रक्रिया और अवैध शराब के खिलाफ सख्ती से गौतमबुद्ध नगर आबकारी विभाग सरकार के राजस्व को मजबूत करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहा है। उत्तर प्रदेश की नई आबकारी नीति के तहत ई-लॉटरी प्रक्रिया के लिए आवेदन 17 फरवरी से 27 फरवरी तक स्वीकार किए जाएंगे। इसके बाद 6 मार्च को सुबह 11 बजे लॉटरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस पारदर्शी प्रणाली के तहत शराब की दुकानों का आवंटन किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक आवेदकों को अवसर मिलेगा और सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी।
राजस्व बढ़ाने के लिए नई रणनीति
ई-लॉटरी प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू करने और अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त करने के लिए आबकारी विभाग ने नई रणनीतियां अपनाई हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस पारदर्शी व्यवस्था से शराब कारोबारियों को आसानी होगी और अवैध गतिविधियों पर भी लगाम लगेगी।
आबकारी नीति वर्ष 2025-26 के लिए आवेदन की पात्रता:
1- नागरिकता: आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए। भारत के किसी भी क्षेत्र का नागरिक उत्तर प्रदेश के किसी भी जनपद की दुकान के लिए आवेदन कर सकता है।
2- भागीदारी फर्म/कंपनी: भागीदारी फर्म अथवा कंपनी फुटकर दुकानों के आवेदन के लिए पात्र नहीं होंगी।
3-आयु सीमा: आवेदन करते समय आवेदक की आयु 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए।
4- आवेदन संख्या: एक आवेदक द्वारा एक से अधिक दुकानों के लिए आवेदन प्रस्तुत किए जा सकते हैं, लेकिन पूरे प्रदेश में अधिकतम दो दुकानें ही आवंटित हो सकेंगी।
5- धरोहर धनराशि: इस वर्ष ई-लॉटरी हेतु आवेदन प्रक्रिया में धरोहर धनराशि के बैंक ड्राफ्ट की आवश्यकता नहीं है।
6- आवश्यक दस्तावेज़: आवेदन के समय निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत (अपलोड) करना अनिवार्य होगा:
• पैनकार्ड (जिसके पैन नंबर में चौथे स्थान पर ‘पी’ लिखा हो)।
• हैसियत प्रमाण-पत्र या अधिकृत आयकर वैल्युअर द्वारा निर्गत धारित संपत्ति प्रमाण-पत्र।
• आयकर रिटर्न का विवरण।
• पोर्टल पर उपलब्ध निर्धारित प्रारूप में शपथ पत्र।
7- लाइसेंस फीस जमा: चयनित आवेदकों को देशी मदिरा की दुकान के लिए वर्ष 2025-26 की निर्धारित सम्पूर्ण बेसिक लाइसेंस फीस एवं कम्पोजिट दुकान (अंग्रेजी बीयर) तथा मॉडल शॉप के लिए सम्पूर्ण लाइसेंस फीस आवंटन प्रमाण-पत्र प्राप्ति के 3 कार्य दिवस के भीतर जमा करना अनिवार्य है।
8- नवीनीकरण विकल्प: वर्ष 2025-26 में ई-लॉटरी द्वारा व्यवस्थित समस्त दुकानों का आगामी वर्ष 2026-27 के लिए नवीनीकरण का विकल्प उपलब्ध होगा।
9- प्रतिभूति धनराशि जमा: चयनित आवेदकों को ई-लॉटरी से प्राप्त होने वाली दुकान की प्रतिभूति धनराशि (लाइसेंस फीस का 10 प्रतिशत) का 50 प्रतिशत ई-लॉटरी की तिथि से 10 दिवस के अंदर, 30 प्रतिशत 25 दिवस के अंदर, और शेष 20 प्रतिशत 35 दिवस के अंदर जमा करना अनिवार्य होगा।
10- न्यूनतम कोटा उठान: चयनित आवेदक के लिए दुकान के आवंटन के पश्चात देशी मदिरा में निर्धारित बल्क लीटर में न्यूनतम कोटा एवं कम्पोजिट दुकान (अंग्रेजी बीयर) तथा मॉडल शॉप में निर्धारित रुपये में न्यूनतम राजस्व नियमानुसार उठाना बाध्यकारी होगा।
11- प्रोसेसिंग फीस: इस वर्ष 2025-26 के लिए प्रोसेसिंग फीस (आवेदन शुल्क) ई-लॉटरी पोर्टल पर नियमानुसार देय होगी, जो वापस नहीं होगी।
आवेदन प्रक्रिया के लिए, आवेदक को ई-लॉटरी पोर्टल exciseelotteryup.upsdc.gov.in पर पंजीकरण करना अनिवार्य है। पोर्टल पर संबंधित सूचनाएं भरते हुए आगे बढ़ें। इन नियमों का पालन करते हुए, आवेदक वर्ष 2025-26 के लिए आबकारी नीति के तहत आवेदन कर सकते हैं।

जिला आबकारी अधिकारी
गौतमबुद्ध नगर
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि नई आबकारी नीति के तहत ई-लॉटरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है। इससे न केवल राजस्व में बढ़ोतरी होगी, बल्कि अवैध शराब कारोबार पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। आबकारी विभाग द्वारा ई-लॉटरी प्रक्रिया के सफल क्रियान्वयन के लिए पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन प्रणाली शुरू की गई है। जिसके लिए 14 से 17 फरवरी तक रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुुरु हो गई है। ई-लॉटरी की प्रक्रिया के तहत 17 फरवरी से 27 फरवरी तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, जिसके बाद 6 मार्च को सुबह 11 बजे ई-लॉटरी का आयोजन किया जाएगा। इससे शराब की दुकानों के आवंटन में पारदर्शिता बनी रहेगी और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण संभव होगा। जिला आबकारी अधिकारी के अनुसार, अब कोई भी पात्र व्यक्ति आसानी से आवेदन कर सकता है, जिससे अधिकतम राजस्व प्राप्ति संभव होगी। अवैध शराब के कारोबार को खत्म करने के लिए विभाग की टीमें लगातार छापेमारी कर रहा है। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि गौतमबुद्ध नगर में अवैध शराब कारोबार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारा लक्ष्य है कि अधिकतम आवेदक इस प्रक्रिया में भाग लें और जिले का आबकारी राजस्व रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचे।
















