नगर निकायों को 75 करोड़ की सौगात, बड़े विकास कार्यों को मिली मंजूरी

-डीएम ने नगर निकायों के 15वें वित्त आयोग की बैठक, कुछ प्रस्ताव में संशोधन

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद की नगर निकायों में अब तेजी से विकास कार्य होंगे, जिससे शहर की सूरत बदलने जा रही है। शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में हुई 15वें वित्त आयोग की बैठक में 75 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। इस फैसले से नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों में सड़क, नाली, बिजली, सौंदर्यीकरण और सफाई मशीनों जैसे कई बुनियादी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। बैठक में नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों के विकास कार्यों के लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।

इन कार्यों में सड़क, गली, नाली, चारदीवारी, प्राथमिक विद्यालयों का जीर्णोद्धार, टंकी, पाइपलाइन, बिजली, स्ट्रीट लाइट और सौंदर्यीकरण के कार्य शामिल हैं। बैठक के दौरान कुछ प्रस्तावों की समीक्षा, एस्टीमेट की जांच और प्रतिस्पर्धात्मक दरों के मूल्यांकन का निर्णय लिया गया। इसके लिए एक विशेष निरीक्षण टीम गठित की गई, जो यह सुनिश्चित करेगी कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनी रहे।

जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि नगर निकायों के विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। 75 करोड़ रुपये की राशि से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं बेहतर होंगी। नगर पालिका परिषदों और पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्वीकृत बजट का उपयोग पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ करें, ताकि जनता को सीधा लाभ मिल सके। इस महत्वपूर्ण फैसले से गाजियाबाद के नगरीय क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे का तेजी से विस्तार होगा और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान:
• नगर पालिका परिषद लोनी में 32 करोड़ रुपए
• नगर पालिका परिषद मोदीनगर में 11 करोड़ रुपए
• नगर पालिका परिषद मुरादनगर में 10 करोड़ रुपए
• नगर पालिका परिषद खोड़ा-मकनपुर में 15 करोड़ रुपए
• नगर पंचायत पतला में 81 लाख रुपये
• नगर पंचायत निवाड़ी में 85 लाख रुपये
• नगर पंचायत डासना में 2 करोड़ रुपए
• नगर पंचायत फरीदनगर में 63 लाख रुपए

गाजियाबाद के नगर निकायों में आधारभूत विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए 75 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह बजट सड़कों, नालियों, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, सफाई मशीनों और सौंदर्यीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों पर खर्च किया जाएगा। हमने यह सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष टीम गठित की है कि सभी कार्य गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ पूरे हों। नगर निकायों को निर्देश दिया गया है कि वे स्वीकृत धनराशि का सदुपयोग करें, ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और जनपद का समग्र विकास हो।
दीपक मीणा
जिला अधिकारी