पहल पोर्टल की धीमी चाल पर जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स का बड़ा एक्शन

-लाखों फाइलें अटकीं, उपाध्यक्ष ने ली औचक परीक्षा-लापरवाह लिपिकों को लगाई फटकार, अच्छे काम पर मिलेगा प्रशस्ति पत्र

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के “पहल पोर्टल” को लेकर बुधवार को एक अहम समीक्षा बैठक हुई, जो धीरे-धीरे एक प्रशासनिक सख्ती के केंद्र में बदल गई। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कर्मचारियों की सुस्त कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर करते हुए कड़े निर्देश जारी किए। उपाध्यक्ष ने साफ कर दिया कि अब बहानों का दौर खत्म हुआ, काम में गति और पारदर्शिता जरूरी है वरना कार्रवाई तय है। पिछले महीने शुरू हुआ “पहल पोर्टल” प्राधिकरण की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिससे संपत्ति धारकों को ऑनलाइन सुविधा मुहैया कराकर कार्यालय के चक्कर से मुक्ति दिलानी है। लेकिन बुधवार को हुई समीक्षा बैठक ने बताया कि यह योजना कागजों में तो है, मगर क्रियान्वयन के स्तर पर बुरी तरह पिछड़ रही है। बैठक में अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, वित्त नियंत्रक अशोक कुमार वाजपेयी, संयुक्त सचिव श्याम अवध चौहान, एमपी सिंह, ओएसडी कनिका कौशिक और कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे। उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने साफ कहा कि पहल पोर्टल को लेकर जनता की अपेक्षाएं बहुत अधिक हैं। यह केवल एक डिजिटल प्लेटफॉर्म नहीं बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही की नींव है। अब काम को मिशन मोड में लाना होगा। जनता को ऑनलाइन सुविधाएं देना हमारी जिम्मेदारी है, और उसमें कोई कोताही नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि पोर्टल से जुड़ी सेवाएं आवंटियों तक आसान भाषा और त्वरित प्रक्रिया के माध्यम से पहुंचें, यह सुनिश्चित किया जाए।

31 हजार फाइलों में निस्तारण सिर्फ 34 का
बैठक के दौरान भवन अनुभाग के 11 लिपिकों को 31,991 फाइलों को अपडेट कर निस्तारित करने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन सिर्फ 34 फाइलें ही निपटाई गईं। इस पर उपाध्यक्ष भड़क उठे और उन्होंने न सिर्फ अधीनस्थ अधिकारियों को फटकार लगाई, बल्कि लिपिकों की औचक परीक्षा भी ली। उन्हें अखबारों की कटिंग देकर कहा कि वे उस पर आधारित एक संक्षिप्त रिपोर्ट तैयार करें, जिससे उनके विश्लेषणात्मक कौशल और कामकाज की तत्परता का मूल्यांकन किया जा सके। रिपोर्ट के आधार पर कार्य वितरण तय किया जाएगा।

लीज फाइलों की अनदेखी पर कार्रवाई तय
जीडीए उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि लीज पर आवंटित संपत्तियों की अवधि समाप्त होने से छह माह पहले संबंधित आवंटियों को सूचना भेजी जाए। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि यदि समय रहते लीज का नवीनीकरण नहीं हुआ और देरी का मामला सामने आया, तो संबंधित लिपिक पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अच्छा कार्य करने वालों को सम्मान, सुस्तों का पटल बदलेगा
बैठक में पहल पोर्टल पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले एक लिपिक को प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा भी की गई, जबकि लापरवाही बरतने वाले कुछ लिपिकों के पटल बदले जाने के आदेश उपाध्यक्ष ने मौके पर ही दे दिए।

जनता के लिए डिजिटल सुविधा का लाभ, ‘न भटकाओ, न अटकाओ’ नीति लागू
पहल पोर्टल का उद्देश्य यही है कि आवंटी बिना जीडीए कार्यालय आए अपनी फाइलों, नवीनीकरण, लीज, म्यूटेशन जैसे कार्य ऑनलाइन कर सकें। लेकिन अगर यही सेवा लिपिकों की ढिलाई से रुकी रही, तो इसका मूल उद्देश्य विफल हो जाएगा। ऐसे में उपाध्यक्ष ने यह स्पष्ट किया कि हर हफ्ते अब कामकाज की समीक्षा होगी और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित कार्मिक को तत्काल हटाया जाएगा।