• सीसी रोड, इंटरलॉकिंग टाइल्स और नालियों के 147 कार्यों की बनेगी कार्ययोजना, पीएम आवास और स्वनिधि योजनाओं की भी समीक्षा
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर की मलिन और पिछड़ी बस्तियों के लिए राहत भरी खबर है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बुधवार को स्पष्ट किया कि अब मुख्यमंत्री नगरीय अल्पविकसित एवं मलिन बस्ती विकास योजना के तहत इन इलाकों का कायाकल्प किया जाएगा। इसके तहत 3114.62 लाख रुपये यानी करीब 31 करोड़ रुपये की लागत से शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में सीसी रोड, इंटरलॉकिंग टाइल्स और नालियों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। यह घोषणा डीएम की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में हुई जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) की शासी निकाय की बैठक के दौरान हुई। इस अवसर पर एडीसीपी ट्रैफिक सच्चिदानंद, अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, डूडा के परियोजना अधिकारी संजय पथेरिया, एसडीएम सदर अरुण दीक्षित, एसडीएम लोनी राजेंद्र शुक्ला, एसडीएम मोदीनगर अजीत सिंह और नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी भी मौजूद रहे।
147 विकास कार्य होंगे प्रस्तावित, शीघ्र शासन को भेजी जाएगी योजना
जिलाधिकारी ने बताया कि योजना के तहत 147 कार्यों का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें सीसी रोड, इंटरलॉकिंग टाइल्स और नालियों का निर्माण शामिल है। डीएम ने निर्देश दिया कि इन सभी कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना बनाकर जल्द से जल्द शासन और सूड़ा लखनऊ को भेजी जाए ताकि मंजूरी मिलते ही कार्य प्रारंभ किया जा सके।
पीएम आवास योजना की भी हुई समीक्षा, अपात्रों पर होगी कार्रवाई
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत बीएलसी 1.0 और 2.0 की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने डूडा के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन लोगों के आवेदन अपात्र कर निरस्त किए गए हैं, उनकी पुन: जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि कई लाभार्थी ऐसे हैं, जिन्हें पहली और दूसरी किस्त मिल चुकी है लेकिन उन्होंने मकान का निर्माण अधूरा छोड़कर उसे बेच दिया है। ऐसे लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं कुछ लाभार्थी ऐसे भी हैं जिन्हें दो किस्त मिल चुकी है लेकिन किसी कारणवश तीसरी किस्त नहीं मिल पाई। ऐसे मामलों की पहचान कर तुरंत आवश्यक दस्तावेज और कार्यवाही पूरी कर तीसरी किस्त जारी कराने के आदेश भी डीएम ने दिए।
पीएम स्वनिधि योजना पर भी खास जोर
डीएम दीपक मीणा ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को इस योजना से जोड़ा जाए ताकि उन्हें स्वरोजगार के लिए आसानी से लोन मिल सके और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके।
बदलाव जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। अब बदलाव केवल कागजों पर नहीं, ज़मीनी स्तर पर दिखना चाहिए। अधिकारी योजनाओं की निगरानी सतत रूप से करें और जनता तक इनका लाभ पहुंचे, यह सुनिश्चित करें।
















