-आबकारी विभाग का ‘ऑपरेशन क्लीन’, गौतमबुद्ध नगर में अब नहीं बचेगी नशे की एक भी परत
-अवैध शराब कारोबार की जड़ें उखाड़ने में जुटा आबकारी विभाग, माफिया तितर-बितर, छोटे तस्कर अब रडार पर
-यूपी-पंजाब की अवैध शराब समेत दो तस्कर गिरफ्तार, रात के अंधेरे में करते थे तस्करी
उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जनपद गौतमबुद्ध नगर में आबकारी विभाग के अभियान ने वह कर दिखाया है जो वर्षों से मुश्किल माना जा रहा था। जिले में अवैध शराब के समूचे नेटवर्क को तोडऩे की कमान संभालने वाले जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने अब यह जता दिया है कि कानून का हाथ कितना लंबा है। रणनीति, खुफिया तंत्र और चौबीसों घंटे सक्रिय फील्ड यूनिट्स के दम पर सुबोध श्रीवास्तव की टीम ने जिले को धीरे-धीरे नशे के शिकंजे से आज़ाद कराना शुरू कर दिया है। अब हालात ये हैं कि जहां पहले नशे का कारोबार रात की चुप्पी में फलता-फूलता था, वहीं अब रात के अंधेरे में ही आबकारी विभाग की रेड टीम इन अड्डों पर दस्तक दे रही है। माफिया छुपते फिर रहे हैं और छोटे तस्कर अब हर वक्त खौफ में जी रहे हैं। गौतमबुद्ध नगर में आबकारी विभाग की तेज कार्रवाई और रणनीतिक सोच ने यह दिखा दिया है कि यदि प्रशासन ठान ले, तो अपराध का कोई भी चेहरा स्थायी नहीं रह सकता।
सुबोध कुमार श्रीवास्तव की यह मुहिम न केवल तस्करी पर प्रहार है, बल्कि युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की नींव भी है। शनिवार की रात चलाए गए रात्रि तलाशी अभियान में दो अलग-अलग स्थानों से दो बड़े तस्कर दबोचे गए।
पहली कार्रवाई कासना थाना क्षेत्र में हुई, जहां आबकारी निरीक्षक नामवर सिंह और पुलिस टीम ने तस्कर फुरकान पुत्र रसीद को पकड़ा। उसके पास से 35 पव्वे ट्विन टॉवर ब्रांड देशी शराब (उत्तर प्रदेश मार्का) और रॉयल स्टैग (पंजाब मार्का) की 3 बोतलें (750 एमएल) तथा 10 पव्वे (180 एमएल) बरामद किए गए। दूसरी बड़ी सफलता दनकौर थाना क्षेत्र से मिली, जहां एक अन्य छापे में सुमित पुत्र लखपत को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 30 पव्वे कैटरीना ब्रांड देशी शराब (यूपी मार्का) बरामद हुई। दोनों तस्करों को मौके से गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया।
शराब तस्करों की ‘कमर’ तोडऩे वाला अभियान
सूत्रों के मुताबिक, बीते कुछ सप्ताहों में आबकारी विभाग की कार्यशैली में जो आक्रामकता आई है, उसने जिले के पुराने माफियाओं की नींद उड़ा दी है। बड़े तस्कर भूमिगत हो चुके हैं और कई ने तो खुद-ब-खुद अपने अड्डे बंद कर दिए हैं। विभाग ने शराब की अवैध सप्लाई चेन के हर लिंक को ट्रैक करना शुरू कर दिया है लाइसेंसी दुकानों से हो रही चोरी-छिपे आपूर्ति हो या बाहरी राज्यों से हो रही तस्करी, अब कोई भी सुराग छूट नहीं रहा। जिला आबकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि हम सिर्फ छापेमारी नहीं कर रहे, हम तस्करी के नेटवर्क को ‘रूट-लेवल’ पर तोडऩे में लगे हैं। जब तक आखिरी बोतल भी अवैध तरीके से बिकती रहेगी, तब तक अभियान भी रुकेगा नहीं। ये सिर्फ कानून का सवाल नहीं है, समाज की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य का मामला है।
24 घंटे सक्रिय हैं टीमें, डिजिटल निगरानी भी शामिल
अभियान की खास बात ये है कि यह अब पारंपरिक नहीं रहा। विभाग अब ड्रोन सर्वे, डिजिटल लोकेशन ट्रैकिंग, और मोबाइल नेटवर्क एनालिसिस जैसे आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल कर रहा है। जिले में शराब से जुड़ी हर संदिग्ध गतिविधि पर निगरानी रखने के लिए रात्रिकालीन मोबाइल यूनिट, स्पॉट इंटेलिजेंस टीम और स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है।
आम जनता से भी की गई अपील: अवैध शराब की सूचना दें, नाम गुप्त रहेगा
श्रीवास्तव ने आमजन से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास कहीं भी अवैध शराब की बिक्री या भंडारण की जानकारी हो, तो वे तुरंत आबकारी हेल्पलाइन या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें। सूचना देने वालों का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और आवश्यक होने पर उन्हें सुरक्षा भी प्रदान की जाएगी।

















