अवैध निर्माण पर ताबड़तोड़ कार्रवाई: नेहरू नगर में सीलिंग, प्रताप विहार में चला बुलडोजर

-जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के आदेश पर प्रवर्तन जोन-4 की दोहरी कार्रवाई, नक्शे के खिलाफ निर्माण करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने मंगलवार को एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि शहर में अवैध निर्माण किसी कीमत पर नहीं चलने दिए जाएंगे। उपाध्यक्ष अतुल वत्स के निर्देश पर जीडीए की प्रवर्तन जोन-4 टीम ने नेहरू नगर और प्रताप विहार में दो अलग-अलग स्थलों पर कार्रवाई की जहां एक ओर अवैध रूप से निर्मित दो इमारतों को सील कर दिया गया, वहीं दूसरी ओर प्रताप विहार में एक अतिरिक्त मंजिल को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। मॉडल टाउन वेस्ट, आर्यनगर स्थित भूखंड संख्या-02 पर बिल्डिंग का निर्माण स्वीकृत मानचित्र (12 सितंबर 2024) के विपरीत किया जा रहा था। बिल्डर राजीव मित्तल व संजीव मित्तल द्वारा बेसमेंट और तृतीय तल का निर्माण न केवल नियमों के खिलाफ था, बल्कि सेटबैक भी पूरी तरह से कवर कर दिया गया था।

जीडीए द्वारा अक्टूबर 2024 में ही कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिस पर नवंबर में जवाब तो आया लेकिन 8 महीने बीत जाने के बावजूद शमन मानचित्र जमा नहीं कराया गया। आखिरकार मंगलवार को जोन-4 के प्रभारी अधिशासी अभियंता वीरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता विनय कुमार, अवर अभियंता गिरिजा शंकर मल्ल और जीडीए पुलिस बल की मौजूदगी में इमारत को सील कर दिया गया। इसी प्रकार नेहरूनगर तृतीय के भूखंड संख्या-एम-46 पर तरुण शर्मा व अतुल शर्मा द्वारा बिना मानचित्र के भूतल पर निर्माण किया जा रहा था। 19 जुलाई 2025 को इन्हें नोटिस दिया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। कार्रवाई करते हुए जीडीए ने इस निर्माण को भी सील कर दिया।

प्रवर्तन जोन-4 की टीम ने प्रताप विहार सेक्टर-12 में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए भवन संख्या-एच-166 पर बनाए गए अवैध अतिरिक्त तल को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। निर्माणकर्ता सुखदेव शर्मा को स्टिल्ट+3 तल की अनुमति मिली थी, लेकिन उन्होंने अतिरिक्त मंजिल बनाकर प्राधिकरण की मंजूरी को नजरअंदाज कर दिया। टीम ने जीडीए पुलिस बल की निगरानी में इस अवैध मंजिल को गिरा दिया और मौके पर स्पष्ट चेतावनी दी गई कि बिना अनुमति किसी भी निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा। प्रवर्तन जोन-4 के प्रभारी अधिकारियों ने नागरिकों को सख्त निर्देश दिए कि कोई भी निर्माण कार्य करने से पहले जीडीए की अनुमति अनिवार्य है, अन्यथा वह निर्माण अवैध मानकर सील या ध्वस्त कर दिया जाएगा।