गाजियाबाद में 4 घंटे में 80 एमएम बारिश, नगर निगम की फुर्ती से नहीं रुका शहर

  • नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की मॉनिटरिंग और अधिकारियों की तत्परता बनी बड़ी ताकत

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। रविवार को हुई भारी बारिश ने शहर की परीक्षा जरूर ली, लेकिन नगर निगम की चुस्त-दुरुस्त कार्यप्रणाली ने हालात बिगड़ने नहीं दिए। मात्र 4 घंटे में 80 एमएम पानी बरसने के बावजूद नगर निगम की टीम हर ज़ोन में सक्रिय रही। जल निकासी से लेकर यातायात सुचारु रखने तक, हर मोर्चे पर अधिकारियों की पकड़ मजबूत दिखाई दी। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के कड़े निर्देश और रीयल टाइम मॉनिटरिंग की बदौलत न सिर्फ सड़कों से पानी तेजी से निकाला गया, बल्कि जलभराव के हॉटस्पॉट क्षेत्रों में स्थाई समाधान के लिए अभियान भी चलाया गया। बरसात शुरू होते ही नगर आयुक्त ने वरिष्ठ अधिकारियों और पूरी टीम को वॉकी-टॉकी के ज़रिए अलर्ट कर दिया। थोड़ी बूंदाबांदी हो या मूसलाधार बारिश निगम टीम पूरी तत्परता के साथ मैदान में उतर गई। स्वास्थ्य, जलकल और निर्माण विभाग के कर्मचारी पंप सेट, जेसीबी और अन्य उपकरणों से जल निकासी में जुटे रहे।

वरिष्ठ अधिकारी खुद मोर्चा संभालते नजर आए। अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार की मॉनिटरिंग में रीयल-टाइम एक्शन हुआ, जबकि नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार और जलकल महाप्रबंधक कामाख्या प्रसाद आनंद ने भी अपनी टीमों के साथ जलभराव हटाने का कार्य कराया। सबसे अधिक चुनौती मोहन नगर जोन में रही, जहां जलभराव को स्थाई रूप से खत्म करने के लिए निगम ने अभियान चलाया। भोपुरा, शालीमार गार्डन और मोहन नगर बस अड्डे पर पुलिया की सफाई कराई गई और नाले-नालियों से अवरोध हटाए गए। कई जगहों पर अतिक्रमण हटाकर जलनिकासी की राह साफ की गई। अपर नगर आयुक्त अवनींद्र ने बताया कि इस बार निगम ने सिर्फ अस्थाई नहीं बल्कि स्थाई समाधान पर जोर दिया है। इसके तहत हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर कार्रवाई की गई है।

बारिश में भी बहता रहा पानी, नहीं थमा यातायात
लगातार हो रही बारिश में जहां दूसरे शहर ठप पड़ जाते हैं, वहीं गाजियाबाद में निगम की तैयारी का असर साफ दिखा। नालों की सफाई और पंप सेट से निकासी के चलते पानी जमने नहीं पाया। भारी जलभराव वाले क्षेत्रों में भी यातायात सुचारू रहा। निगम टीम ने पेड़ गिरने और बिजली के खंभे टूटने की घटनाओं पर भी त्वरित कार्रवाई की। सड़क मार्ग पर गिरे पेड़ तुरंत हटाए गए और इलेक्ट्रिक पोल को भी हटाकर यातायात बहाल किया गया।

निगम की कार्यप्रणाली बनी चर्चा का विषय
शहरवासियों का कहना है कि इस बार निगम की सक्रियता और तत्परता साफ झलक रही है। चार घंटे में 80 एमएम की भारी बरसात के बाद भी पानी का प्रवाह बना रहा और यातायात नहीं थमा। लोगों ने नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह और उनकी टीम की कार्यशैली की सराहना की।

मोहन नगर जोन बना मॉडल: स्थाई समाधान की ओर कदम
गाजियाबाद नगर निगम ने इस बार केवल अस्थाई इंतज़ाम नहीं, बल्कि स्थाई समाधान पर भी जोर दिया। खासकर मोहन नगर जोन में एक विशेष अभियान चलाया गया। भोपुरा, शालीमार गार्डन और मोहन नगर बस अड्डे जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिया की गहरी सफाई कराई गई, नालों की रुकावटें हटाई गईं और जहां-जहां जलनिकासी में अतिक्रमण बाधा बना था, उसे हटाकर साफ रास्ता बनाया गया। अपर नगर आयुक्त अवनींद्र ने स्पष्ट किया अब निगम केवल अस्थाई नहीं बल्कि स्थायी हल देने की नीति पर काम कर रहा है, ताकि हर बारिश के मौसम में जनता को राहत मिले।

नगर आयुक्त का विजन: ‘शहर हित में 24 घंटे अलर्ट’
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा नगर निगम का लक्ष्य सिर्फ तात्कालिक राहत देना नहीं, बल्कि स्थाई समाधान करना है। हम 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहते हैं और छोटी बूंदाबांदी से लेकर भारी बरसात तक, शहर को व्यवस्थित रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त

गाजियाबाद नगर निगम की प्राथमिकता केवल बारिश के समय अस्थायी राहत देना नहीं है, बल्कि स्थायी समाधान की दिशा में काम करना है। शहर के हर नागरिक को यह भरोसा होना चाहिए कि चाहे हल्की बूंदाबांदी हो या तेज मूसलाधार बरसात, नगर निगम की पूरी टीम 24 घंटे अलर्ट मोड पर मौजूद है। हमने सभी हॉटस्पॉट्स पर विशेष ध्यान दिया है, जेसीबी, पंप सेट और तकनीकी संसाधनों को पहले से तैयार रखा गया है। मेरा स्पष्ट निर्देश है कि बारिश के दौरान कहीं भी जलभराव, जाम या असुविधा न हो। हमारा लक्ष्य है कि गाजियाबाद को स्मार्ट और व्यवस्थित शहर बनाना और जनता को बिना रुकावट वाली सेवाएं देना।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त