यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने एक बार फिर अपनी तकनीकी दक्षता और पारदर्शी कार्यप्रणाली से देश-दुनिया में परचम लहराया है। दिल्ली के एयरोसिटी स्थित होटल पुलमैन में बुधवार को आयोजित प्रतिष्ठित ईएसआरआई उपयोगकर्ता सम्मेलन में यीडा को भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) में विशेष उपलब्धि सम्मान (स्पेशल अचीवमेंट अवार्ड) प्रदान किया गया। यह सम्मान प्राधिकरण को शहरी और औद्योगिक विकास में अत्याधुनिक तकनीक के प्रयोग, स्मार्ट प्रशासन, पारदर्शिता और नागरिक हितैषी सेवाओं के लिए दिया गया। यमुना प्राधिकरण के ओएसडी शैलेन्द्र कुमार भाटिया (आईएएस) ने सम्मान ग्रहण किया।
उदय भूमि संवाददाता
नई दिल्ली/ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने एक बार फिर अपनी तकनीकी दक्षता और पारदर्शी कार्यप्रणाली से देश-दुनिया में परचम लहराया है। दिल्ली के एयरोसिटी स्थित होटल पुलमैन में बुधवार को आयोजित प्रतिष्ठित ईएसआरआई उपयोगकर्ता सम्मेलन में यीडा को भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) में विशेष उपलब्धि सम्मान (स्पेशल अचीवमेंट अवार्ड) प्रदान किया गया। यह सम्मान प्राधिकरण को शहरी और औद्योगिक विकास में अत्याधुनिक तकनीक के प्रयोग, स्मार्ट प्रशासन, पारदर्शिता और नागरिक हितैषी सेवाओं के लिए दिया गया।

यमुना प्राधिकरण ने विकास को केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित न रखकर तकनीकी नवाचार के साथ जोड़ा है। भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) का उपयोग कर प्राधिकरण ने भूमि प्रबंधन, शहरी नियोजन, अतिक्रमण रोकथाम और नागरिक सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। यही कारण है कि आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी यीडा की उपलब्धि को सराहा जा रहा है। यमुना प्राधिकरण के ओएसडी शैलेन्द्र कुमार भाटिया (आईएएस) ने सम्मान ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान प्राधिकरण द्वारा स्मार्ट गवर्नेंस, भूमि प्रबंधन और नागरिक केंद्रित सेवाओं में जीआईएस तकनीक के अभिनव उपयोग के लिए दिया गया। प्राधिकरण का प्रयास है कि विकास योजनाएं पूरी पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक के साथ जनता तक पहुंचे। भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) के माध्यम से न केवल भूमि प्रबंधन और शहरी नियोजन को सरल बनाया गया है बल्कि नागरिक सेवाओं को भी और सुलभ एवं पारदर्शी बनाया गया है। हमारी प्राथमिकता है कि निवेशकों और नागरिकों दोनों को एक ही मंच पर सभी जानकारी और सेवाएं मिलें। यह सम्मान यमुना प्राधिकरण के कर्मचारियों और अधिकारियों की मेहनत और प्रतिबद्धता का परिणाम है।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में योजनाबद्ध शहरी एवं औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है। इसके लिए प्राधिकरण आधुनिक बुनियादी ढांचा, पारदर्शी प्रशासन और नागरिकों को केंद्र में रखकर सेवाओं की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। इस उपलब्धि के केंद्र में है यमुना प्राधिकरण वन मैप जियोपोर्टल, जिसे ईएसआरआई टेक्नोलॉजी स्टैक द्वारा संचालित किया जा रहा है। यह एक एंटरप्राइज समाधान है जो केंद्रीकृत डेटा प्रबंधन और उन्नत निर्णय-समर्थन उपकरण प्रदान करता है। इसके माध्यम से अवैध अतिक्रमण की पहचान के लिए परिवर्तन विश्लेषण (चेंज एनालिसिस) और फील्ड वर्क से पहले वर्चुअल सर्वे (प्री सर्वे मैपिंग) जैसे कई अभिनव कार्य किए जा रहे हैं। यमुना प्राधिकरण में जीआईएस के प्रमुख उपयोग क्षेत्र में भूमि प्रबंधन और अधिग्रहित भूखंडों का डिजिटल रिकॉर्ड। शहरी नियोजन, मास्टर प्लान, जोनिंग, सड़कों और सुविधाओं के लिए सहायता। अतिक्रमण की पहचान, भूमि के अवैध कब्जे और दुरुपयोग की निगरानी। प्री-सर्वे मैपिंग और फील्ड वर्क से पहले वर्चुअल सर्वेक्षण। नागरिक सेवाएं यानि मानचित्र, भूखंड विवरण और विकास योजनाओं के लिए ऑनलाइन पोर्टल। निर्णय सहयोग नीतियों और परियोजनाओं के अनुमोदन हेतु डैशबोर्ड और एनालिटिक्स। अंतर विभागीय एकीकरण योजना, राजस्व, अभियंत्रण और प्रवर्तन विभागों के लिए साझा मंच करना आता है। यमुना प्राधिकरण वनमैप जियोपोर्टल एक केंद्रीकृत जीआईएस प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करता है, जो सटीक भूमि प्रबंधन, स्मार्ट योजना, सक्रिय अतिक्रमण निगरानी और पारदर्शी नागरिक सेवाओं को सुनिश्चित करता है। यह उपलब्धि प्राधिकरण की सतत विकास और कुशल प्रशासन के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
















