इंटीग्रेटिड टाउनशिप: शाहपुर-बम्हेटा की 12 एकड़ भूमि अधिग्रहित, दीपावली के बाद प्रोजेक्ट पूरी तरह विकसित होगा

  • आवासीय और व्यावसायिक भूखंड बनेंगे तैयार: ग्रुप हाउसिंग और आधुनिक सोसाइटी की योजना
  • भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज: प्रशासन ने एक महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा
  • शहरी जीवन और आधुनिक सुविधाएं: सड़क, ग्रीनरी, पार्किंग और व्यवस्थित योजना

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिले में इंटीग्रेटिड टाउनशिप विकसित करने की प्रक्रिया अब तेजी से आगे बढ़ रही है। नेशनल हाइवे-9 के पास यह टाउनशिप दीपावली के बाद पूरी तरह से तैयार हो सकेगी। इसके लिए गांव शाहपुर-बम्हेटा की 12 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रशासन को प्रस्ताव भेजकर तेज कर दी गई है। जमीन मिलने के बाद यहां आवासीय और व्यावसायिक भूखंड, ग्रुप हाउसिंग सोसायटी विकसित की जाएगी। इस टाउनशिप में रहने वाले लोग अपना आशियाना और व्यापार के लिए दुकानें प्राप्त कर सकेंगे। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2005 में गाजियाबाद के बिल्डरों को इंटीग्रेटिड टाउनशिप विकसित करने के लिए लाइसेंस जारी किए थे। वर्ष 2014 की संशोधित टाउनशिप नीति और उत्तर प्रदेश टाउनशिप नीति 2023 के तहत, मैसर्स एसएमवी एजेंसीज प्राइवेट लिमिटेड ने नेशनल हाइवे-9 के पास 205 एकड़ भूमि में टाउनशिप विकसित करना शुरू किया। इस प्रोजेक्ट में शौर्यापुरम टाउनशिप भी शामिल है।

वर्तमान में 105 एकड़ भूमि पर टाउनशिप का निर्माण हो रहा है, जिसमें से 75 प्रतिशत भूमि अधिग्रहित हो चुकी है। अब शेष 12 एकड़ भूमि का अधिग्रहण करके प्रोजेक्ट को पूरी तरह विकसित किया जाएगा। जीडीए भू-अर्जन प्रभारी एवं तहसीलदार विवेक कुमार मिश्रा ने अपर जिलाधिकारी भू-अर्जन को पत्र भेजकर शाहपुर-बम्हेटा की बची हुई भूमि का अधिग्रहण करने का अनुरोध किया है। अधिकारी उम्मीद करते हैं कि एक महीने के भीतर अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। भूमि अधिग्रहण उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं नवीन भू-अर्जन अधिनियम की धारा-2(2)(1) के तहत किया जाएगा। इसका उद्देश्य निवासियों को घर मुहैया कराना और नई टाउनशिप नीति के तहत आवासीय व व्यावसायिक भूखंड प्रदान करना है।

आवासीय और व्यावसायिक सुविधाएं
टाउनशिप में आधुनिक सड़कें, पार्क, ग्रीनरी, पार्किंग और सामुदायिक सुविधाएं होंगी। इसके साथ ही ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी भी विकसित की जाएगी। जीडीए अधिकारी बताते हैं कि यह प्रोजेक्ट गाजियाबाद में रहने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए एक नया विकल्प उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा व्यवसायियों के लिए भी व्यापार के अवसर और दुकानें उपलब्ध होंगी।

शहरी विकास और आर्थिक प्रभाव
इंटीग्रेटिड टाउनशिप के विकसित होने से गाजियाबाद के शहरी ढांचे में सुधार होगा। इस परियोजना से रियल एस्टेट सेक्टर को मजबूती मिलेगी और स्थानीय लोगों के रोजगार व व्यवसाय के अवसर बढ़ेंगे। टाउनशिप का पूरी तरह से विकसित होना क्षेत्रवासियों के लिए जीवन स्तर और रहने की गुणवत्ता में वृद्धि करेगा। प्रशासन ने भी इसे शहरी योजना और नागरिक कल्याण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कदम बताया है। जिन लोगों ने गाजियाबाद में रहने की योजना बनाई है, उनके लिए यह टाउनशिप आधुनिक सुविधाओं और व्यवस्थित योजनाओं के साथ सुरक्षित और आकर्षक विकल्प प्रस्तुत करेगी। इसमें रहने वाले लोग शहर के व्यस्त जीवन से दूर, प्राकृतिक हरियाली और सुव्यवस्थित शहरी वातावरण का लाभ उठा सकेंगे।

प्रदीप कुमार सिंह
जीडीए अपर सचिव

नेशनल हाइवे-9 के पास इंटीग्रेटिड टाउनशिप को विकसित करने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गांव शाहपुर-बम्हेटा की करीब 12 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इस जमीन के मिलने के बाद यहां आवासीय और व्यावसायिक भूखंडों के साथ ग्रुप हाउसिंग विकसित की जाएगी। इससे गाजियाबाद में रहने की इच्छा रखने वाले लोगों को अपना आशियाना मिलेगा और व्यापारियों के लिए दुकानों की सुविधा उपलब्ध होगी। हमने भूमि अधिग्रहण के लिए प्रशासन को प्रस्ताव भेज दिया है और उम्मीद है कि जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
प्रदीप कुमार सिंह
अपर सचिव
जीडीए