दशहरा और गांधी जयंती पर यूपी में शराब की बिक्री पर ताला, होटल-रेस्तरां तक बंदी

 

उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। इस साल 2 अक्टूबर का दिन खास मायने रखता है। एक ओर देशभर में महात्मा गांधी जयंती मनाई जाएगी, वहीं दूसरी ओर उसी दिन विजयदशमी (दशहरा) का पर्व भी मनाया जाएगा। चूंकि यह राष्ट्रीय अवकाश होता है, इसलिए इस दिन पूरे उत्तर प्रदेश में सरकारी और गैर-सरकारी संस्थान, स्कूल, कॉलेज और बैंक बंद रहेंगे। इसी के साथ आबकारी विभाग ने प्रदेश में इस दिन पूर्ण शराबबंदी लागू करने का आदेश जारी किया है।
आबकारी विभाग के आदेश के मुताबिक 2 अक्टूबर को प्रदेशभर में देशी, अंग्रेजी, बीयर और वाइन शॉप पूरी तरह बंद रहेंगी। यही नहीं, इस दिन किसी भी होटल, बार, रेस्तरां या क्लब में शराब परोसने की अनुमति भी नहीं होगी। शराबबंदी की यह व्यवस्था लाइसेंस की शर्तों के अंतर्गत पहले से ही तय है, जिसे प्रत्येक लाइसेंसधारी का पालन करना अनिवार्य है। सिर्फ मदिरा ही नहीं बल्कि 2 अक्टूबर को प्रदेश में भांग और ताड़ी की दुकानें भी बंद रहेंगी। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस दिन कंपोजिट शॉप, मॉडल शॉप, भांग-ताड़ी की दुकानें और सीसीडी डिपो सहित थोक व खुदरा बिक्री से जुड़े सभी संस्थान बंद रहेंगे। इसके अलावा बार अनुज्ञापन, BWFL 2, 2B, 2C, CL2, FL2, FL2B, FL16/17, FL8/9/9A, सीसीडी डिपो सहित थोक व खुदरा मदिरा बिक्री से जुड़े सभी संस्थान भी बंद रहेंगे। जिला आबकारी अधिकारी ने आदेश जारी कर सख्ती से अनुपालन के निर्देश दिए हैं।

जिला आबकारी अधिकारियों ने सभी थानों और आबकारी निरीक्षकों को आदेशित किया है कि 2 अक्टूबर को शराबबंदी का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराया जाए। इसके लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं जो अलग-अलग क्षेत्रों में दुकानों का निरीक्षण करेंगी। साथ ही, अवैध शराब की बिक्री और सप्लाई पर रोक लगाने के लिए मैदानों में सख्त निगरानी रखी जाएगी। सभी जिलों के आबकारी अधिकारियों ने भी शासनादेश के बाद नोटिस जारी कर अनुपालन के लिए कड़े निर्देश दिए हैं।लखनऊ के जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह ने कहा कि शासनादेश के अनुसार पूरे जिले में शराबबंदी लागू की जाएगी और किसी भी हाल में उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गौतमबुद्ध नगर के आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि 2 अक्टूबर को विजयदशमी और गांधी जयंती के चलते पूरे जिले में शराबबंदी लागू होगी। उन्होंने कहा कि निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में सघन चेकिंग कर रहे हैं ताकि अवैध गतिविधियों पर रोक लग सके।

गाजियाबाद के आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम ने कहा कि अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए पुलिस और प्रशासनिक टीमों के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि विशेष टीमें गठित की गई हैं जो 2 अक्टूबर को जिलेभर में निगरानी करेंगी और अवैध शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाएंगी। उनका कहना था कि त्योहार के मौके पर किसी भी तरह की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा। रामपुर के आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह ने बताया कि जिले में दुकानों का शत-प्रतिशत बंद कराया जाएगा। अगर किसी दुकान पर शराब बिकती पाई गई तो उसके लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई होगी।
बलिया के जिला आबकारी अधिकारी विजय कुमार शुक्ला ने कहा कि 2 अक्टूबर को जिले में पूर्ण शराबबंदी लागू की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि गांधी जयंती और दशहरा दोनों पर्वों के मद्देनज़र पूरे जिले में शराब की दुकानों पर ताले लटकेंगे। आबकारी निरीक्षकों को आदेशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त बढ़ाएं और शत-प्रतिशत बंदी सुनिश्चित करें। यदि किसी भी दुकान या होटल-रेस्तरां में शराब बिकती या परोसी जाती पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस निरस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई शामिल होगी।

गौरतलब है कि इस बार 2 अक्टूबर का दिन इसलिए भी खास है क्योंकि देश महात्मा गांधी की जयंती मनाने के साथ विजयदशमी के पर्व का भी उत्सव मनाएगा। इस अवसर पर बड़े स्तर पर सार्वजनिक कार्यक्रम, रावण दहन और विभिन्न सांस्कृतिक आयोजन होंगे। शराबबंदी लागू करने के पीछे मकसद यह है कि लोग त्योहार और राष्ट्रीय दिवस को अनुशासित, सुरक्षित और सामाजिक सद्भाव के साथ मना सकें। आबकारी विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि कोई दुकान, बार या होटल नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें लाइसेंस निरस्तीकरण से लेकर जुर्माना और मुकदमा दर्ज करने तक की कार्रवाई शामिल होगी।

2 अक्टूबर को पूरे उत्तर प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी रहेगी। चाहे देसी-विदेशी शराब की दुकानें हों या बार-रेस्तरां-सभी पर ताले लटकेंगे। आबकारी विभाग ने साफ कर दिया है कि आदेश का पालन हर हाल में कराया जाएगा। साथ ही, अवैध बिक्री रोकने के लिए भी निरीक्षण और छापेमारी अभियान जारी रहेगा। यह कदम त्योहार और राष्ट्रीय पर्व को शांति और सौहार्द के माहौल में मनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।