- युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए जागरूकता अभियान और प्रभावी प्रवर्तन
- स्कूल-कॉलेज के आसपास नशीले पदार्थों की दुकानों पर पूर्ण प्रतिबंध
- बार और रेस्टोरेंट में 21 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को शराब न बेचने के सख्त निर्देश
- डी-एडिक्शन सेंटर्स का नियमित निरीक्षण और जनता को सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास
उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जिले में नशे और शराबबंदी पर सख्त निगरानी बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मंगलवार को अपर जिलाधिकारी, वित्त एवं राजस्व अतुल कुमार की अध्यक्षता में नार्को कोर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक कलेक्ट्रेट कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में समस्त विभागीय अधिकारियों ने पिछली बैठक में किए गए कार्यों और अद्यतन कार्रवाई की जानकारी प्रस्तुत की।
अपर जिलाधिकारी अतुल कुमार ने बैठक में कहा कि नशे के खिलाफ यह केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि हमारी सामाजिक जिम्मेदारी भी है। जिले के स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों के आसपास किसी भी प्रकार की नशीली दुकानें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। इसके लिए नियमित अभियान चलाए जाएंगे। साथ ही डी-एडिक्शन सेंटर्स का निरीक्षण किया जाएगा और उनके संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। हम चाहते हैं कि हमारे युवा स्वस्थ, सुरक्षित और नशे से मुक्त वातावरण में बढ़ें।
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि बार, रेस्टोरेंट और मदिरा दुकानों में 21 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को शराब की बिक्री बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। नियम का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, जिसमें लाइसेंस निरस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई शामिल है। इसके साथ ही हम सुनिश्चित करेंगे कि बिना लाइसेंस संचालित किसी भी बार या क्लब पर भी कड़ी कार्यवाही की जाए। बैठक में अपर जिलाधिकारी ने सभी विभागो-पुलिस, समाज कल्याण और चिकित्सा विभाग को निर्देशित किया कि वे मिलकर संयुक्त टीम का गठन करें, जो नियमित निरीक्षण करके अवैध नशे और शराब के कारोबार पर प्रभावी प्रवर्तन सुनिश्चित करे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्कूलों, कॉलेजों और ग्राम स्तर पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, जिससे युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा सके।
इस बैठक के बाद जिला बार कमेटी की भी बैठक आयोजित की गई, जिसमें लंबित बार लाइसेंस के मामलों का निस्तारण करने और बिना लाइसेंस संचालित बारों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अतुल कुमार, जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार, एसीपी उमेश कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी सतीश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार, आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय, सचिन त्रिपाठी, अखिलेश बिहारी वर्मा, डॉ शिखा ठाकुर, नामवर सिंह, अभिनव शाही, संजय चन्द्र और जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की श्वेता खुराना समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि हमारा उद्देश्य न केवल नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाना है, बल्कि युवाओं और समाज को सुरक्षित और संरक्षित वातावरण प्रदान करना भी है। जनपद में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ निगरानी और प्रवर्तन को और प्रभावी बनाया जाएगा। इस बैठक के परिणामस्वरूप गौतमबुद्ध नगर में नशे और शराबबंदी पर सख्त निगरानी, डी-एडिक्शन सेंटर्स का नियमित निरीक्षण और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए जाने की योजना तैयार की गई। इससे स्पष्ट संदेश गया कि प्रशासन न केवल कानून लागू करने में बल्कि समाज और युवाओं की सुरक्षा में भी पूरी तत्परता बरत रहा है।

















