-चेतला अग्रणी दुर्गा पूजा समिति के मुख्य आयोजक और कोलकाता के महापौर श्री फिरदाह (बॉबी) हकीम ने दी भव्य स्वागत
-जन सेवक तरुण मिश्र ने दुर्गा पूजा पंडाल में पूजा स्थल और आयोजन व्यवस्थाओं का अवलोकन किया
-त्योहार की भव्यता और जनकल्याण के संदेश को जोड़ते हुए पंडाल में की गई चर्चाएं
उदय भूमि संवाददाता
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में राज्य के शहरी विकास मंत्री एवं चेतला अग्रणी दुर्गा पूजा समिति के मुख्य आयोजक और कोलकाता महापौर फिरदाह (बॉबी) हकीम के विशेष निमंत्रण पर जन सेवक तरुण मिश्र मंगलवार को कोलकाता के सबसे बड़े दुर्गा पूजा पंडाल पहुंचे। इस भव्य पंडाल में पहुँचते ही उन्हें आयोजन समिति और स्थानीय नागरिकों ने फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया। पंडाल में प्रवेश करते ही तरुण मिश्र ने वहाँ की भव्य सजावट, कलात्मक मूर्तियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि कोलकाता की दुर्गा पूजा न केवल धार्मिक उत्सव है बल्कि यह सामाजिक सौहार्द, सांस्कृतिक धरोहर और स्थानीय उद्योग को बढ़ावा देने का एक अनूठा माध्यम भी है। तरुण मिश्र ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के भव्य आयोजन समाज में भाईचारे, सहयोग और सांस्कृतिक जागरूकता का संदेश फैलाते हैं।
इस अवसर पर पंडाल में सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने पंडाल की व्यवस्थाओं, लोगों की सुविधा और बच्चों एवं बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए किए गए प्रबंधों की समीक्षा की। साथ ही तरुण मिश्र ने आयोजन समिति से कहा कि इस प्रकार के उत्सवों में सामाजिक समरसता और नागरिक सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। शहरी विकास मंत्री और महापौर श्री फिरदाह (बॉबी) हकीम ने भी इस दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कोलकाता की दुर्गा पूजा केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह पर्यटन और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का भी एक अवसर है। उन्होंने सभी आयोजकों को बधाई दी और कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय कला, शिल्प और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
तरुण मिश्र ने इस अवसर पर कहा कि दुर्गा पूजा सिर्फ उत्सव नहीं है, यह समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखने का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों में युवा और नागरिक दोनों को भागीदारी करनी चाहिए ताकि हमारी सांस्कृतिक धरोहर आने वाली पीढिय़ों तक सुरक्षित और प्रेरणादायक रूप में पहुंच सके। उन्होंने पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं और नागरिकों से भी संवाद किया और उनके सुझाव एवं विचारों को सुना। इस भव्य पंडाल में उपस्थित लोगों ने तरुण मिश्र और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने बच्चों और युवाओं के लिए सांस्कृतिक गतिविधियों के महत्व पर भी चर्चा की। पंडाल में कलाकारों और स्वयंसेवकों के प्रयासों की भी सराहना की गई।
समापन पर, तरुण मिश्र ने सभी आयोजकों और समिति सदस्यों को धन्यवाद दिया और कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण के कारण ही यह दुर्गा पूजा इतना भव्य और यादगार बन पाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में भी इस प्रकार के आयोजन समाज में भाईचारा, सांस्कृतिक जागरूकता और जनकल्याण को बढ़ावा देते रहेंगे। इस प्रकार कोलकाता के सबसे बड़े दुर्गा पूजा पंडाल में जन सेवक तरुण मिश्र की उपस्थिति ने न केवल आयोजन को गौरव प्रदान किया बल्कि समाज में संस्कृति और सुरक्षा के प्रति संदेश को भी मजबूती दी।
















